Explained: क्या है PM श्री योजना, कैसे होगा स्कूलों का चयन, जानिए A to Z
नई दिल्ली, 08 सितंबर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने एक प्रायोजित योजना के माध्यम से 14,500 स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा की। इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नई योजना- पीएम श्री स्कूल (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) को मंजूरी दी है। PM SHRI स्कूल अपने आसपास के अन्य स्कूलों का मार्गदर्शन करेंगे और उन्हें नेतृत्व प्रदान करेंगे। पीएम श्री स्कूलों की योजना वर्ष 2022-23 से 2026 तक पांच साल की अवधि के लिए कुल 27360 करोड़ रुपए की परियोजना से लागू की जाएगी।

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पीएम श्री की मुख्य विशेषताएं
पीएम श्री एक समान, समावेशी और अच्छे स्कूल वातावरण में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करेंगे, जो बच्चों की विविध पृष्ठभूमि, बहुभाषी जरूरतों और विभिन्न शैक्षणिक क्षमताओं का ख्याल रखता है। साथ ही एनईपी 2020 के दृष्टिकोण के अनुसार उन्हें अपनी सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाता है। पीएम श्री अपने क्षेत्र के स्कूलों को लीडरशिप नेतृत्व प्रदान करेंगे।

पीएम श्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में किया जाएगा विकसित
पीएम श्री स्कूलों को ग्रीन स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें सौर पैनल और एलईडी लाइट, प्राकृतिक खेती के साथ पोषण उद्यान, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और संचयन, पर्यावरण की सुरक्षा से संबंधित परंपराओं / प्रथाओं का अध्ययन जैसे पर्यावरण के अनुकूल पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा इन स्कूलों के जरिए जलवायु परिवर्तन से संबंधित हैकाथॉन और एक स्थायी जीवन शैली अपनाने के लिए जागरूकता भी पैदा किया जाएगा। इसके अलावा हर कक्षा में प्रत्येक बच्चे के सीखने के परिणामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सभी स्तरों पर मूल्यांकन वैचारिक समझ और वास्तविक जीवन स्थितियों में ज्ञान के अनुप्रयोग पर आधारित होगा और योग्यता आधारित होगा।

उपलब्ध संसाधनों का किया जाएगा मूल्यांकन
पीएम श्री स्कूलों के जरिए उपलब्ध संसाधनों का मूल्यांकन और उपलब्धता, पर्याप्तता, उपयुक्तता व प्रत्येक डोमेन और उनके प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के उपयोग के संदर्भ में उनकी प्रभावशीलता का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा रोजगार क्षमता बढ़ाने और बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए सेक्टर स्किल काउंसिल और स्थानीय उद्योग के साथ टाईअप किया जाएगा।

क्या होगी पीएम श्री स्कूलों की चयन पद्धति?
पीएम श्री स्कूलों का चयन 'चैलेंज मोड' के माध्यम से किया जाएगा। स्कूलों को ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं आवेदन करना होगा। योजना के पहले दो वर्षों के लिए पोर्टल साल में चार बार, हर तिमाही में एक बार खोला जाएगा। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1-5 / 1-8) और माध्यमिक / वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 1-10 / 1-12 / 6-10 / 6-12) केंद्र / राज्य / केंद्र शासित प्रदेश सरकारों / स्थानीय स्व- UDISE+ कोड वाली सरकारों को योजना के तहत चयन के लिए विचार किया जाएगा।

स्कूलों का चयन तीन चरणों में तय समय सीमा के लिए किया जाएगा
1- प्रथम चरण के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसमें वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति को संपूर्ण रूप से लागू करने पर सहमति जताएंगे और केंद्र इन स्कूलों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्धताओं को तय करेगा।
2- दूसरे चरण के तहत निर्धारित न्यूनतम मानक के आधार पर उन स्कूलों की पहचान की जाएगाी जो पीएम श्री स्कूलों के रूप में चुने जाने के लिए योग्य होंगे।
3- तीसरा चरण चुनौती पद्धति पर आधारित होगा।

18 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ
समग्र शिक्षा, केवीएस और एनवीएस के लिए उपलब्ध मौजूदा प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से पीएम श्री स्कूलों को लागू किया जाएगा। अन्य स्वायत्त निकायों को आवश्यकतानुसार एक विशिष्ट परियोजना के आधार पर शामिल किया जाएगा। विकास का आकलन करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों को समझने के लिए इन स्कूलों की सख्ती से निगरानी की जाएगी। इस योजना का लाभ करीब 18 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा।












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