क्या है पट्टचित्र पेंटिंग, आबनूस जाली बॉक्स, सिल्वर फिलिग्री पर्स? जिसे PM मोदी ने क्रोएशिया को उपहार में दिए
PM Modi Croatia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के कूटनीतिक दौरे के अंतिम चरण में क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। वहीं दोनों राष्ट्राध्यक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। वहीं पीएम मोदी ने क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच को ओडिशा की एक सुंदर पट्टाचित्र पेंटिंग भेंट की। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ को एबोनी वुड जाली वर्क बॉक्स विद सिल्वर नक्काशी वर्क भेंट किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कनाडा की गवर्नर जनरल मैरी साइमन को सिल्वर फिलिग्री वर्क क्लच पर्स भेंट किया।
कितना खास है पट्टाचित्र पेंटिंग?
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलानोविच को पट्टचित्र पेंटिंग भेंट किए जाने के बाद से इस कला को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। पट्टाचित्र ओडिशा की एक सुंदर और प्राचीन पारंपरिक कला है, जो अपने रंग-बिरंगे, सूक्ष्म और बारीक चित्रांकन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। इसका नाम 'पट्ट' यानी कपड़ा और 'चित्र' यानी चित्रकारी से लिया गया है, क्योंकि यह कला मुख्य रूप से कपड़े के ऊपर बनाई जाती है। पट्टाचित्र में भारतीय पौराणिक कथाओं, विशेषकर भगवान कृष्ण और जगन्नाथ परंपरा से जुड़ी जीवंत और रोचक कहानियां दर्शाई जाती हैं। इस कला में कलाकार प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हैं, जो पौधों, पत्थरों और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से बनाए जाते हैं। साथ ही, हाथ से बने ब्रश की मदद से वे बेहद निपुणता और सूक्ष्मता के साथ रेखाएं खींचते हैं और जटिल दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जो इसे एक विशिष्ट और आत्मीयता से भरी कला बनाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा यह उपहार न केवल भारतीय सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि को दर्शाता है, बल्कि विश्व के समक्ष भारत की कला और परंपरा की महानता को भी प्रदर्शित करता है।

कैसे बनता है आबनूस लकड़ी का नक्काशीदार बॉक्स
प्रधानमंत्री मोदी ने अल्बर्टा की प्रीमियर डेनिएल स्मिथ को आबनूस लकड़ी का नक्काशीदार बॉक्स भेंट किया है, जो भारतीय शिल्प कौशल और सांस्कृतिक विरासत का अनमोल प्रतीक है। यह सुरुचिपूर्ण बॉक्स खास भारतीय आबनूस (एबोनी) लकड़ी से निर्मित है और राजस्थान की पारंपरिक कारीगरी की उत्कृष्ट मिसाल है। बॉक्स के ढक्कन पर रंग-बिरंगे हाथ से चित्रित मोर की खूबसूरती देखते ही बनती है, जो इस उपहार की विशिष्टता को और बढ़ाता है। साथ ही, इसमें जाली डिज़ाइन के साथ महीन चांदी की नक्काशी (सिल्वर नक्काशी वर्क) की गई है, जिसे कुशल कारीगरों ने हाथ से बड़ी निपुणता से तराशा है। इस पारंपरिक नक्काशी कला में चांदी की पतली शीट्स को आकार देकर लकड़ी में जड़ना शामिल है, जो सदियों से भारत के हस्तशिल्प की शान बनी हुई है। यह भेंट न केवल कला और संस्कृति का प्रतीक है, बल्कि भारत और कनाडा के बीच मजबूत और गहरे संबंधों का भी सुंदर परिचायक है।
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क्या है सिल्वर फिलिग्री वर्क क्लच पर्स?
प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा की गवर्नर जनरल मैरी साइमन को एक शानदार सिल्वर फिलिग्री वर्क क्लच पर्स भेंट किया। यह खूबसूरत क्लच पर्स ओडिशा के कटक शहर से है, जो अपनी पारंपरिक 'तरकासी' (फिलिग्री) कारीगरी के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस पर्स को पूरी तरह से हाथ से तैयार किया गया है, जिसमें बेहद महीन चांदी की तारों को बड़े निपुणता से मोड़कर और आकार देकर नाजुक जाली जैसी डिज़ाइन बनाई जाती है। यह शिल्प कला 500 साल से भी अधिक पुरानी है और इतिहास में इसे राजाओं का संरक्षण भी प्राप्त रहा है। इस कला में मुग़ल शिल्प और मंदिरों की नक्काशी से प्रेरणा के स्पष्ट प्रभाव देखे जा सकते हैं। यह भेंट भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक होने के साथ-साथ कनाडा के साथ गहरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी प्रतीक है।
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