Canada के बाद Croatia के दौरे पर पीएम मोदी, जानिए रणनीतिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है ये यूरोपीय देश
PM Modi Croatia Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के कूटनीतिक दौरे के अंतिम चरण में बुधवार (18 मई) को क्रोएशिया की राजधानी ज़ाग्रेब पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। बता दें कि, पीएम मोदी इससे पहले कनाडा के कनानास्किस शहर में आयोजित 51वें G7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया, जहां उन्होंने वैश्विक आर्थिक असमानता, जलवायु परिवर्तन, और वैश्विक दक्षिण की भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर भारत की तरफ से स्पष्ट और संतुलित विचार रखे।
वहीं उनकी क्रोएशिया की यात्रा भारत-यूरोप संबंधों को नई ऊंचाई देने की दृष्टि से काफी अहम मानी जा रही है। इसे व्यापार, तकनीकी सहयोग, संस्कृति और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज़ से एक ऐतिहासिक कूटनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

किसी भी प्रधानमंत्री का पहला क्रोएशिया दौरा
भले ही क्रोएशिया भूगोल के लिहाज़ से एक छोटा देश हो, लेकिन रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से यह भारत के लिए एक अहम साझेदार के रूप में उभर रहा है। यह पहला मौका है जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचा है, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ है। इस दौरे को सिर्फ एक प्रतीकात्मक कूटनीतिक यात्रा मानना इसकी गहराई को कम आँकना होगा। व्यापार, रक्षा, तकनीकी नवाचार, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं इस यात्रा के केंद्र में हैं। यह भारत की यूरोपीय संघ में गहराई तक पैठ बनाने की नीति का भी हिस्सा है। विशेषकर उन देशों के साथ, जो अब तक भारतीय विदेश नीति के मुख्यधारा नक्शे में सीमित भूमिका निभा रहे थे।
ये भी पढ़ें G7 Summit: 10 घंटे, 12 मीटिंग, पीएम मोदी ने की दिग्गजों से मुलाकात, जानिए किसको कहा 'दोस्त'?
क्रोएशिया क्यों है महत्वपूर्ण?
- भू-राजनीतिक स्थिति: क्रोएशिया यूरोप के दक्षिण-पूर्व में स्थित है और यूरोपीय संघ (EU) का सदस्य है। यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बाल्कन क्षेत्र, मध्य यूरोप और भूमध्यसागर के बीच सेतु का कार्य करता है।
- यूरोपीय संघ तक पहुंच का द्वार: क्रोएशिया (Croatia) के साथ मजबूत संबंध भारत को यूरोपीय संघ के भीतर अपने कारोबारी, तकनीकी और राजनीतिक हितों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यह खासकर तब ज़रूरी हो जाता है जब भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर भी बातचीत कर रहा है।
- रक्षा और तकनीकी सहयोग की संभावना: भारत रक्षा उत्पादन में 'मेक इन इंडिया' को वैश्विक समर्थन देना चाहता है। क्रोएशिया जैसे देश जो सैन्य तकनीक में उन्नत हैं, उनके साथ सहयोग भारत के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में सहायक हो सकता है।
ये भी पढ़ें PM Modi Croatia visit: 1 हजार आइलैंड और डेलमेशियन डॉग, क्रोएशिया कितना गजब? जहां पहुंचें हैं पीएम मोदी












Click it and Unblock the Notifications