Navkar Mahamantra Divas: क्या होता है नवकार महामंत्र? पीएम मोदी ने क्यों कहा- 'खुद पर भरोसा रखो'
Navkar Mahamantra Divas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह नई दिल्ली के विज्ञान भवन में नवकार महामंत्र दिवस में शिरकत की। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 'नवकार महामंत्र कहता है कि खुद पर भरोसा रखो,नकारात्मक सोच, वैमनस्य से दूर रहो और स्वार्थहीन बनो। जैन धर्म हमें बाहरी दुनिया नहीं, बल्कि खुद को जीतने की प्रेरणा देता है।'
आपको बता दें कि नवकार महामंत्र एक सार्वभौमिक मंत्र है जो कि सामूहिक जाप के जरिए लोगों को एकजुट करने की कोशिश करता है।

आइए विस्तार से समझते हैं नवकार महामंत्र के महत्व को...
जैनधर्म में नवकार महामंत्र को णमोकार मंत्र या नवकार मंत्र भी कहा जाता है। जिसमें गुणों को प्राथमिकता दी जाती है और उसका सम्मान किया जाता है क्योंकि ये गुण ही इंसान को मोक्ष की ओर लेकर जाते हैं। इसका जाप सुबह और शाम किया जाता है और इसे जैन धर्म का सबसे बड़ा मंत्र भी माना जाता है।
नवकार महामंत्र (Navkar Mahamantra)
- णमो अरिहंताणं
- णमो सिद्धाणं
- णमो आयरियाणं
- णमो उवज्झायाणं
- णमो लोए सव्वसाहूणं
- एसो पंच नमोकारो, सव्वपावप्पणासणो।
- मंगलाणं च सव्वेसिं, पढमं हवइ मंगलं॥
ये मंत्र पांच नमस्कारों को बताता है, जो कि निम्नलिखित है...
- णमो अरिहंताणं- अरिहंतों को नमस्कार
- णमो सिद्धाणं- सिद्धों को नमस्कार
- णमो आयरियाणं- आचार्यों को नमस्कार
- णमो उवज्झायाणं- उपाध्यायों को नमस्कार
- णमो लोए सव्वसाहूणं- संसार के सभी साधुओं को नमस्कार
जैन धर्म में अरिहंत उसे कहते हैं, जिसने अपनी आत्मा पर विजय प्राप्त कर ली है, जो कि द्वेष, मोह जैसे आंतरिक दुश्मनों पर विजय प्राप्त कर ली है। अरिहंत का शाब्दिक अर्थ ही है 'शत्रु का नाश करने वाला'।
उपाध्ययों का मतलब शिक्षक से है (Navkar Mahamantra)
सिद्धों का अर्थ यहां पर सिद्धि यानी कि योग या तप से है तो वहीं आचार्यों का अर्थ गुरु से है। जबकि उपाध्ययों का मतलब शिक्षक से है और साधु का अर्थ तपस्वी और ज्ञानी से है, जो कि मोह-माया से परे हैं। इस मंत्र के जरिए इन सबको नमस्कार करने की बात कही गई है। खास बात ये है कि इस मंत्र को दिगंबर और श्वेतांबर दोनों ही संप्रदाय मानते हैं।
जैन धर्म के 5 सिद्धांत कौन से हैं? (Navkar Mahamantra)
- अहिंसा का मतलब है किसी जीव को चोट न पहुंचाना।
- सत्य का मतलब है झूठ न बोलना।
- अस्तेय का मतलब है किसी की संपत्ति या सामान को बिना आज्ञा के ले लेना।
- ब्रह्मचर्य का मतलब है संयम
- अपरिग्रह का मतलब है लालच का त्याग करना।
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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