क्या है नेशनल कैपिटल गुड्स पॉलिसी, जो पैदा करेगी 2 करोड़ नई नौकरियां
नयी दिल्ली। भारत की औद्योगिक विकास दर रसातल में चली गई है। बिना रोजगार के तेजी से विकास दर हासिल करना नामुमकिन लग रहा है। ऐसे वक्त में भारत सरकार ने विकास दर को तेजी से गति देने के लिए पहली बार नेशनल कौपिटल गुड्स नीति को मंजूरी दी है। धानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल ने राष्ट्रीय कैपिटल गुड्स नीति को अपनी मंजूरी दे दी है। कैपिटल गुड्स के क्षेत्र में यह अपने तरह की पहली नीति है जिसका उद्देश्य कैपिटल गुड्स के उत्पादन को बढ़ाना है।

क्या है फायदा?
- सरकार की इस कैपिटल गुड्स के क्षेत्र में 2014-15 में 2,30,000 करोड़ रुपये का उत्पादन हुआ जिसे साल 2025 तक 7,50,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।
- इस नेशनल कैपिटल गुड्स नीति के तहत 8.4 मिलियन से 30 मिलियन तक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
- निर्यात को 27 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
- भारत के घरेलू उत्पादन में हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से बढ़ कर 80 प्रतिशत तक हो जाएगी।
- इस नीति की मदद से भारत को विश्वस्तरीय कैपिटल गुड्स केंद्र बनाने में मदद मिलेगी।
- ये नीति मेक इन इंडिया की परिकल्पना को मजबूत आधार देगी।
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय कैपिटल गुड्स नीति का विचार पहली बार दिसंबर, 2014 में आयोजित 'मेक इन इंडिया' कार्यशाला में भारी उद्योग विभाग द्वारा प्रधानमंत्री के सामने रखा गया था। इस नीति को अंतिम रूप देने से पहले इसके हिस्सेदारों, उद्योग के परामर्शदाताओं, अकादमिक लोगों व विभिन्न मंत्रालयों द्वारा गहन विचार विमर्श किया गया। नीति का लक्ष्य कैपिटल गुड्स क्षेत्र में परिवर्तनकारी रणनीतियां लागू करना है।












Click it and Unblock the Notifications