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Malabar Naval Exercise: चीन को घेरने के लिए भारत, US, Japan और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच आज से सबसे बड़ा युद्धाभ्‍यास

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नई दिल्‍ली। 3 नवंबर को अमेरिका में इलेक्‍शन डे है और एक तरफ जहां अमेरिका में नए राष्‍ट्रपति के लिए वोट डाले जा रहे होंगे तो वही दूसरी ओर क्‍वाड देशों की नौसेनाएं चीन को घेरने के लिए मालाबार नौसेना युद्धाभ्‍यास में शामिल हो रही हैं। ऑस्‍ट्रेलिया, भारत, अमेरिका और जापान की नौसेनाएं तीन नवंबर से मालाबार एक्‍सरसाइज में शामिल हो रही हैं। इलेक्‍शन डे वाले दिन शुरू हो रही इस एक्‍सरसाइज को इस बार सीधे तौर पर चीन को एक बड़ा संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है।

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पहली बार शामिल हो रहा ऑस्‍ट्रेलिया

मंगलवार से इस युद्धाभ्‍यास का पहला फेज शुरू होगा और छह नवंबर को यह खत्‍म हो जाएगा। यह पहली बार है जब क्‍वाड संगठन के सारे देश इसमें शामिल हो रहे हैं। इससे पहले जितनी बार भी मालाबार एक्‍सरसाइज हुई है उसमें ऑस्‍ट्रेलिया शामिल नहीं था। ऑस्‍ट्रेलिया की नौसेना पहली बार इस वॉर एक्‍सरसाइज में शामिल हो रही है। हिंद महासागर पर इस युद्धाभ्‍यास का आयोजन होगा जहां पर चारों देशों की नौसेनाएं एक साथ आकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बढ़ाने वाले मिशन को पूरा करेंगी। इस युद्धाभ्‍यास का दूसरा फेज अरब सागर में 17 से 20 नवंबर तक आयोजित होगा। इस एक्‍सरसाइज में यूएस नेवी का डेस्‍ट्रॉयर यूएसएस जॉन एस मैक्‍केन और ऑस्‍ट्रेलिया की रॉयल नेवी की फ्रिगेट एचएमएएस बैलारैट से लेकर जापान का नया कोरवट और भारतीय नौसेना की वॉरशप्सि और एयरक्राफ्ट नजर आएंगे।

जब चिढ़े अमेरिका ने कर दिया था सस्‍पेंड

मालाबार युद्धाभ्‍यास की शुरुआत साल 1992 में हुई थी और उस समय यह एक्‍सरसाइज सिर्फ भारत और अमेरिका के बीच होती थी। साल 2015 में जापान इसका स्‍थायी सदस्‍य बना था। सिंगापुर भी इस एक्‍सरसाइज में बतौर गैर-स्‍थायी सदस्‍य हिस्‍सा ले चुका है। इस एक्‍सरसाइज के तहत कई तरह की गतिविधियों को पूरा किया जाता है जिसमें फाइटर जेट्स के ऑपरेशंस से लेकर एयरक्राफ्ट कैरियर्स तक शामिल होते हैं। साल 1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण किए तो अमेरिका ने इस युद्धाभ्‍यास को सस्‍पेंड कर दिया। लेकिन 11 सितंबर 2001 को जब अमेरिका पर आतंकी हमला हुआ तो तत्‍कालीन अमेरिकी राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍लू बुश ने इस एक्‍सरसाइज को फिर से शुरू करने की मंजूरी दी। यह मंजूरी आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अमेरिकी अभियान का हिस्‍सा थी। साल 2007 में मालाबार एक्‍सरसाइज को पहली बार भारत के बार आयोजित किया गया था। उस समय यह जापान के ओकिनावा में आयोजित हुई थी।

कौन-कौन से हथियार शामिल

इस बार जो मालाबार एक्‍सरसाइज शुरू हो रही है उसमें इंडियन नेवी के आईएनएस रणविजय, आईएनएस शिवालिक, आईएनएस सुकन्‍या, आईएनएस शक्ति जैसे जहाज शामिल हो रहे हैं। वहीं पनडुब्‍बी आईएनएस सिंधुराज भी युद्धाभ्‍यास का हिस्‍सा होगी। इसके अलावा हॉक, पी-8I, डॉर्नियर, चीता, चेतक और ध्रुव जैसे एयरक्राफ्ट भी शामिल हो रहे हैं। यह एक्‍सरसाइज कोविड-19 नियमों के तहत नॉन कॉन्‍टैक्‍ट फॉरर्मेट में होगी। पिछले कुछ हफ्तों से इंडियन नेवी हिंद महासागर में कई मिशन को अंजाम देने में लगी हुई है।

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English summary
What is Malabar Naval exercise between India, US, Japan and Australia staring from 3rd November.
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