ड्रीम 'भारतमाला' 2019 में मोदी को दिलाएगी जीत? जानें बड़ी बातें
भारतमाला प्रोजेक्ट का 70% खर्चा सरकार वहन करेगी जबकि बाकी का 30 % निजी निवेश से आएगा।
नई दिल्ली। भारतमाला प्रोजेक्ट के पहले चरण के तहत सरकार 34,800 किलोमीटर सड़क का निर्माण करेगी, जिसमें 5,35,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।भारतमाला प्रोजेक्ट मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्रोजेक्ट के बाद दूसरी बड़ी हाईवे परियोजना है और इसके तहत सीमाई और अन्य इलाकों में संपर्क सेवा बेहतर करने के लिए 50,000 किलोमीटर लंबी सड़का का निर्माण किया जाना है। इसके तहत लुधियाना-अजमेर और मुंबई-कोचीन के बीच नया नेशनल हाईवे बनाया जाएगा। लुधियाना-अजमेर के प्रपोज्ड हाईवे में दूरी 721 किमी तो हो जाएगी, लेकिन दोनों शहरों के बीच ट्रेवल टाइम घटकर 9 घंटे 15 मिनट हो जाएगा। मौजूदा 627 किमी लंबे हाईवे में अभी 10 घंटे लगते हैं। इसी तरह, प्रपोज्ड मुंबई-कोचीन हाईवे में दूरी 200 किमी बढ़ जाएगी, वक्त करीब 5 घंटे कम हो जाएगा।

- भारतमाला प्रोजेक्ट के पहले चरण में 34,800 किलोमीटर सड़कें बनाने की योजना है। इसके तहत बॉर्डर एरिया, तटीय इलाकों को भी सड़कों से जोड़ने की योजना है।
- सरकार का दावा है कि भारतमाला प्रोजेक्ट से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार में भी इजाफा होगा। 10 हजार किलोमीटर रोड बनने पर 4 करोड़ दिनों का रोजगार पैदा होगा।
- भारतमाला प्रोजेक्ट का 70% खर्चा सरकार वहन करेगी जबकि बाकी का 30 % निजी निवेश से आएगा।
- भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए 2.09 लाख करोड़ रुपए मार्केट, 1.06 लाख करोड़ प्राइवेट इन्वेस्टमेंट और 2.19 लाख करोड़ CRF/TOT/टोल के जरिए आएगा।
- पोर्ट्स और रोड, नेशनल कॉरिडोर्स को ज्यादा बेहतर बनाना और नेशनल कॉरिडोर्स को डेपलप करना भी इस प्रोजेक्ट में शामिल है।
- बैकवर्ड एरिया, रिलीजियस और टूरिस्ट साइट्स को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे बनाए जाएंगे।
- चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री की कनेक्टिविटी बेहतर की जाएगी।
- भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले हाईवे में दूरी 100 किमी बढ़कर 721 किमी हो जाएगी, लेकिन करीब 45 मिनट की बचत होगी। नए रूट में करीब 9 घंटे 15 मिनट लगेंगे।
- देश में इस वक्त 44 नेशनल कॉरिडोर्स की पहचान की जा चुकी है। इनमें हाई क्वॉलिटी वाली सड़कें बनाई जाएंगी। कोस्टल इलाकों को हाईवे से जोड़ा जाएगा।
- पहले फेज में 24,800 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। इस पर 3,85,000 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे












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