जानिए हिंदुओं के लिये किया था गुरु नानक देव ने
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। देश-दुनिया में आज पूरे हर्षोल्लास के साथ गुरु नानक जयंती मनायी जा रही है। हम सभी जानते हैं कि गुरु नानक देव सिखों के पहले गुरु थे, लेकिन उन्होंने हिंदुओं के लिये क्या किया, यह बहुत कम लोग ही जानते हैं।

असल में उन्होंने भारतीय समाज को झकझोरा और मरणासन्न हिन्दू समाज में नई चेतना भर दी थी। वेदान्त दर्शन को वे उच्चतम ऊँचाइयों तक ले गए। गुरु ग्रन्थ का पारायण जिसने भी किया हो उसे पता होगा कि भक्ति आंदोलन को गुरु नानक ने नए आयाम दिए।
ये चारों ओर घूमकर उपदेश करने लगे। 1521 तक गुरु नानक देव ने तीन यात्राचक्र पूरे किए, जिनमें भारत, अफगानिस्तान, फारस और अरब के मुख्य मुख्य स्थानों का भ्रमण किया। इन यात्राओं को पंजाबी में 'उदासियाँ' कहा जाता है। इन यात्राओं के दौरान गुरु नानक ने हिंदुओं सहित सभी धर्मों के लोगों के जीवन में परिवर्तन किये।
कार्तिक पूर्णिमा का स्नान
आज कार्तिक पूर्णिमा का स्नान भी है। हरियाणा से लेकर पूरे यूपी में इस नहान का बड़ा महातम बताया गया है। जिन लोगों को प्राचीन ग्राम्य समाज और उसकी आस्थाओं से नफरत है उनका तो खुदा ही मालिक है। वरिष्ठ लेखक शंभूनाथ शुक्ल ने कहा कि जब से भारतीय समाज का इतिहास मिलता है इस नहान पर राजे-महाराजे अपने दान-खाते खोल देते थे। चाहे वे वैदिकीय मत को मानने वाले राजे रहे हों या जैन व श्रमण परंपरा के। यहां तक कि मुस्लिम सुल्तान और मुगल बादशाहों के वक्त भी हरिद्वार, बृजघाट (गढ़ मुक्तेश्वर) और इलाहाबाद में संगम तट पर विशेष व्यवस्थाएं की जाती थीं।
यह खेतिहर समाज का मेला है। कार्तिक तक रवि की फसल की बुआई पूरी हो जाती है और किसान थोड़ा फ्री होता है तो वह अपनी मस्ती के आलम में नहान का यह सामूहिक आयोजन करता है। आज के दिन पशुमेला भी लगता है। दिल्ली के करीब गढ़ मुक्तेश्वर में गंगा नहान और गंगा के उस तरफ गजरौला साइड में इसे गुदड़ी का मेला कहते हैं। उस तट पर आज के रोज गदहों की खरीद-बिक्री होती है।












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