शुरुआत से किसानों के साथ खड़े रहे गर्वनर सत्यपाल मलिक ने पीएम मोदी के फैसले पर क्या कहा
कृषि कानूनों के मुद्दे पर खुलकर मोदी सरकार का विरोध करने वाले सत्यपाल मलिक ने अब एक और बड़ा बयान दिया है।
नई दिल्ली, 19 नवंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राष्ट्र के नाम अपना संबोधन जारी किया और केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का ऐलान कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि विशेषज्ञों से विचार विमर्श और संसद में चर्चा करने के बाद ही किसानों के हित में ये कृषि कानून लाए गए थे, लेकिन हमारी तपस्या में कुछ कमी रही और हम इन कानूनों के फायदे किसानों को नहीं बता पाए। वहीं, शुरुआत से ही कृषि कानूनों के मुद्दे पर किसानों के साथ खड़े नजर आए मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

देर आए दुरुस्त आए- सत्यपाल मलिक
एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद सत्यपाल मलिक ने कहा, 'मेरी तरफ से किसानों को बधाई, क्योंकि उन्होंने बहुत ही शांतिपूर्ण तरीके से इस आंदोलन को चलाकर एक इतिहास रच दिया। कृषि कानूनों को रद्द कर प्रधानमंत्री मोदी ने बड़प्पन दिखाया है, देर आए-दुरुस्त आए, लेकिन अगर यही फैसला पहले ले लिया होता, तो अच्छा रहता। प्रधानमंत्री मोदी तो खुद किसान समर्थक हैं, गुजरात में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों के हित में कई फैसले लिए। मुझे उनसे उम्मीद थी कि वो किसानों की तकलीफ समझेंगे।'

कृषि कानूनों पर सत्यपाल मलिक ने क्या कहा था?
मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक शुरुआत से कृषि कानूनों के खिलाफ खड़े हुए नजर आए थे। हाल ही में उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर सरकार ये तीनों कानून वापस नहीं लेगी, तो भाजपा को संसद और यूपी चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि सरकार को अपने कदम वापस लेने ही होंगे। सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार को जल्द से जल्द एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए।

'अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक'
आपको बता दें कि पीएम मोदी के इस फैसले के बाद विपक्षी दलों ने उनके ऊपर जमकर हमला बोला है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया। अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो। जय हिंद, जय हिंद का किसान।' वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा, 'आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी खुशखबरी मिली। तीनों कानून रद्द। 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था। मेरे देश के किसानों को मेरा नमन।'
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