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क्या हैं Loitering Weapons जिन्हें कहा जाता है 'आत्मघाती ड्रोन'? 'ऑपरेशन सिंदूर' में इनका भी हुआ इस्तेमाल

What are Loitering Weapons: आधुनिक युद्धों की दुनिया में टेक्नोलॉजी ने हथियारों का चेहरा पूरी तरह बदल दिया है। अब लड़ाइयों में सिर्फ टैंक, बंदूकें और मिसाइलें नहीं, बल्कि स्मार्ट हथियारों का भी बोलबाला है। इन्हीं में से एक है - लॉइटरिंग वेपन (Loitering Munition), जिसे 'आत्मघाती ड्रोन' या 'कामीकाजे ड्रोन' के नाम से भी जाना जाता है।

ये ऐसे हथियार हैं जो दुश्मन के ऊपर हवा में चुपचाप मंडराते रहते हैं, और जैसे ही सही मौका मिलता है, सीधा हमला कर देते हैं। इस खास हथियार की सबसे बड़ी ताकत है इसका सटीक निशाना और चुपचाप हमला करने की क्षमता। हाल के वर्षों में अमेरिका, इज़राइल, रूस और ईरान जैसे देशों ने इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है, जिससे इसका डर दुनिया भर की सेनाओं में फैल गया है।

Loitering Weapons

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया है। इस एयर स्ट्राइक को 'मिशन सिंदूर' नाम दिया गया। हालांकि इस ऑपरेशन में इस्तेमाल किए गए हथियारों की आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि इसमें 'लॉइटरिंग वेपन' का भी इस्तेमाल किया गया है।
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क्या है लॉइटरिंग वेपन?

लॉइटरिंग वेपन एक तरह का आधुनिक ड्रोन होता है जो आम मिसाइलों से अलग है। ये मिसाइल की तरह दागा तो जाता है, लेकिन ये हवा में काफी देर तक मंडरा सकता है और जब उसे कोई सही लक्ष्य दिखता है, तभी वो उस पर हमला करता है। यह खास बात इसे बाकी हथियारों से अलग बनाती है।

क्यों कहा जाता है इसे 'आत्मघाती ड्रोन'?

इस हथियार की एक बड़ी खासियत यह है कि ये एक बार उपयोग में आने के बाद खुद नष्ट हो जाता है। यानी ये अपना लक्ष्य भेदने के बाद खुद भी खत्म हो जाता है। इसी कारण इसे 'आत्मघाती ड्रोन' भी कहा जाता है।

कहां होते हैं इस्तेमाल?

लॉइटरिंग वेपन का इस्तेमाल उन जगहों पर होता है जहां दुश्मन छिपा होता है या आम हमला संभव नहीं होता। ये शहरी इलाकों में भी बेहद काम आते हैं जहां सटीक हमला जरूरी होता है। इसके अलावा ये उन क्षेत्रों में भी कारगर हैं जहां हवाई सुरक्षा ज्यादा मजबूत नहीं होती।

प्रमुख उदाहरण

  • इजराइल का 'हारोप'
  • अमेरिका का 'स्विचब्लेड' ड्रोन
  • ईरान का 'शहीद-136' (रूस ने यूक्रेन युद्ध में किया इस्तेमाल)

क्यों हैं ये इतने खतरनाक?

  • ये बिना किसी पायलट के चलते हैं
  • कम लागत में सटीक हमला कर सकते हैं
  • दुश्मन को अचानक और दूर से मार सकते हैं
  • इन्हें गिराना मुश्किल होता है क्योंकि ये छोटे और तेज होते हैं

लॉइटरिंग वेपन आधुनिक युद्धों का नया चेहरा बनते जा रहे हैं। आने वाले समय में दुनिया के कई देश ऐसे हथियारों को अपने रक्षा तंत्र में शामिल कर सकते हैं। ये तकनीक दिखाती है कि युद्ध अब केवल ताकत का नहीं, तकनीक का खेल बन चुका है।

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