मुस्लिम बहुल इलाकों में क्या करेगी 1000 'पॉपुलेशन आर्मी', असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने बताया

गुवाहाटी, 20 जुलाई: असम में आबादी कंट्रोल करने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने अपनी ओर से तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने आज विधानसभा में बताया है कि उनकी सरकार 'आबादी सेना' तैनात करने जा रही है, जो ज्यादा जनसंख्या वाले इलाकों में जाकर लोगों को इसके खिलाफ जागरूक करेगी और उनतक गर्भनिरोधक भी पहुंचाकर आएगी। यह 'आबादी सेना' उन मुस्लिम बहुल इलाकों में भेजी जाएगी, जहां जनसंख्या विस्फोट जैसी स्थिति बन चुकी है। सरमा ने नई सरकार की कमान संभालते ही इस दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। गौरतलब है कि असम सरकार के जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने से प्रभावित होकर उत्तर प्रदेश समेत कई दूसरे बीजेपी शासित राज्य भी इस दिशा में सोचने लगे हैं।

असम में बढ़ती जनसंख्या पर ब्रेक लगाने की तैयारी

असम में बढ़ती जनसंख्या पर ब्रेक लगाने की तैयारी

असम में मुस्लिम बहुल इलाकों में बढ़ती आबादी पर नियंत्रण पाने के लिए 1,000 की संख्या वाली 'पॉपुलेशन आर्मी' तैनात की जाएगी। इस बात की जानकारी सोमवार को खुद राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा विधानसभा में दी है। उन्होंने कहा है कि इस दस्ते को निचले असम के इलाकों में भेजा जाएगा। उन्होंने सदन से कहा है कि प्रदेश के पश्चिम और मध्य हिस्से में जनसंख्या विस्फोट की स्थिति है। गौरतलब है कि हिमंत बिस्व सरमा ने बेकाबू आबादी पर नियंत्रण करने के लिए सबसे पहले पहल की है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश समेत बाकी बीजेपी शासित राज्यों में भी इस तरह की कोशिशें शुरू हो रही हैं। यूपी में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दो बच्चे वाले दंपति तक ही सीमित करने और एक बच्चे वाले माता-पिता को और लाभांवित करने जैसे प्रस्तावों पर विचार चल रहा है।

मुस्लिम बहुल इलाकों में क्या करेगी 'पॉपुलेशन आर्मी'?

मुस्लिम बहुल इलाकों में क्या करेगी 'पॉपुलेशन आर्मी'?

सरमा ने युवाओं के इस दस्ते के बारे में सदन को बताया, 'चार चपोरी से करीब 1,000 युवाओं को जनसंख्या नियंत्रण के उपायों को लेकर जागरूकता फैलाने और गर्भनिरोधक पहुंचाने के लिए शामिल किया जाएगा। हम आशा कार्यकर्ताओं की भी एक अलग से वर्क फोर्स बनाने की कोशिश कर रहे, जिन्हें जन्म नियंत्रण के प्रति जागरूकता लाने और गर्भनिरोधकों की सप्लाई की जिम्मेदारी दी जाएगी।' मुख्यमंत्री ने कहा कि '2001 से 2011 के बीच अगर हिंदुओं की आबादी 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी, तो मुसलमानों की 29 फीसदी के हिसाब बढ़ोतरी हुई।'

असम में जनसंख्या विस्फोट रोकने के लिए सख्त कदम

असम में जनसंख्या विस्फोट रोकने के लिए सख्त कदम

असम के मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य में अल्पसंख्यकों की आबादी को देखते हुए ही वो जनसंख्या विस्फोट को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रहे हैं। इन उपायों में मर्जी से नसबंदी और सरकार की ओर से चलने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दो बच्चों की सीमा का पालन करने वाले दंपति तक सीमित करना शामिल है। उन्होंने ज्यादा आबादी वाले इलाके में लोगों को शिक्षित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि 'ऊपरी असम के लोग इन परेशानियों को नहीं समझ सकते, जिससे पश्चिम और मध्य असम के लोगों को ज्यादा आबादी की बोझ की वजह से सहन करना पड़ रहा है।'

कम आबादी से हिंदुओं की जीवन शैली हुई बेहतर- सरमा

कम आबादी से हिंदुओं की जीवन शैली हुई बेहतर- सरमा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'कम आबादी के कारण, असम में हिंदुओं की जीवन शैली बेहतर हो गई है, जिसमें उनके पास बड़ा घर और वाहन हैं; और बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं।' हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि इस तरह के निष्कर्ष पर मुख्यमंत्री कैसे पहुंचे हैं। (मुसलमानों वाली तस्वीर- प्रतीकात्मक)

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