West Bengal Lok Sabha Chunav: संदेशखाली पर क्या उलटा पड़ रहा है बीजेपी का दांव?
West Bengal Lok Sabha Election: बीजेपी इस बार बंगाल में 35 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में महिलाओं के सामूहिक यौन शोषण और जमीन हड़पने के खुलासे ने भाजपा को बहुत बड़ा मुद्दा भी थमाया है। लेकिन अचानक एक कथित वीडियो ने तृणमूल को हमलवार बना दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि संदेशखाली की 'साजिश' बीजेपी ने रची थी और उसने अपने पैसों के दम पर 'झूठ फैलाया'। उन्होंने इसी बहाने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आड़े हाथों लिया और संदेशखाली मुद्दे को लेकर कहा कि वह इसपर 'घड़ियाली आंसू' बहाते रहे हैं।

कथित स्टिंग वीडियो ने तृणमूल को थमाया मुद्दा
दरअसल एक स्टिंग वीडियो वायरल है, जिसकी सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र रूप से वनइंडिया नहीं कर सका है। इस कथित वीडियो में बीजेपी का एक स्थानीय नेता यह दावा करते सुने जा रहे हैं कि संदेशखाली की महिलाओं ने 'विपक्ष के नेता और बीजेपी सदस्य सुवेंदु अधिकारी के कहने पर यौन उत्पीड़न की गलत शिकायतें की हैं।'
यह कथित स्टिंग वीडियो शनिवार को सामने आया। टीएमसी ने अपने एक्स हैंडल पर इसे पोस्ट किया। इस वीडियो में संदेशखाली-2 के भाजपा मंडल अध्यक्ष गंगाधर कोयल कहते सुन जा रहे हैं, 'संदेशखाली में कोई रेप या यौन उत्पीपड़न नहीं हुआ है।'
संदेशखाली पर उलटा पड़ रहा बीजेपी का दांव?
इसी के बाद ममता को मौका मिला और अबतक संदेशखाली के मसले पर रक्षात्मक नजर आने के बाद वह पूरी तरह से आक्रामक हो गईं। बोलपुर में एक रैली में उन्होंने कहा, 'क्या आपने संदेशखाली के बारे में सोचा था...हर रैली में प्रधानमंत्री संदेशखाली की घटना पर रो रहे थे। क्या आप सोच सकते हैं कि संदेशखाली पर बीजेपी की ओर से कितने पैसे खर्च किए गए हैं?'
संदेशखाली पर शुरू से संदेहों के घेरे में रही ममता सरकार
दरअसल, संदेशखाली का मास्टरमाइंड और तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित नेता शाहजहां शेख अभी कानून के शिकंजे में है। यहां केंद्रीय एजेंसियों पर हुए हमले से लेकर अनेकों स्थानीय महिलाओं का सामूहिक यौन शोषण और उनकी जमीनें हड़पने जैसे गंभीर आरोपों का वह सरगना बताया जाता है। इस मामले में बंगाल पुलिस ने जिस तरह से शुरुआत से लचीला रवैया अपनाया था, उससे ममता सरकार भी संदेहों के घेरे में थी।
संदेशखाली मुद्दे पर बीजेपी अबतक रही आक्रामक
आखिरकार कलकत्ता हाई कोर्ट की दखल के बाद शाहजहां शेख कानून के शिकंजे में आया और तब जाकर पार्टी ने भी उसे बाहर करनी की सोची। इस तरह से इस विवाद को बीजेपी ने राष्ट्रीय मुद्दा बनाने में कामयाबी हासिल की थी। संदेशखाली को लेकर वह कांग्रेस समेत इंडिया ब्लॉक के अन्य सहयोगियों पर भी आक्रामक थी। लेकिन, एक अपुष्ट वीडियो से ममता गेम पलटने की कोशिशों में जुट गई हैं।
बीजेपी अब डर गई है- ममता बनर्जी
वह मोदी सरकार के प्रचारों को लेकर भी उसपर हमलावर हैं और इसके लिए चुनाव आयोग तक पर बीजेपी सरकार से मिलीभगत का आरोप लगा रही हैं। बनर्जी ने कहा, 'बंगाल को बदनाम करने की एक आदत है....बीजेपी अब डर गई है। संदेशखाली के शर्म को वे प्रचारों के पीछे छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, जो कह रहा है कि तृणमूल भ्रष्ट है। मैं अखबार को भी इस तरह के प्रचार के लिए लीगल नोटिस भेजू्ंगी, जिसमें कहा जा रहा है कि तृणमूल भ्रष्ट है।'
बीजेपी नेता ने सीबीआई से की स्टिंग वीडियो की जांच की मांग
इस बीच भाजपा नेता कोयल ने सीबीआई को खत लिखकर उस वीडियो की जांच की मांग की है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा है, 'कोयल ने पहले ही सीबीआई जांच की मांग की है। उन्हें जांच करने दीजिए। अदालत खुली हुई है।'
तृणमूल की एक साजिश है- भाजपा प्रत्याशी और संदेशखाली पीड़िता
वहीं बंगाल भाजपा के प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य ने कहा है, 'वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। यह फर्जी है और एक नए चैनल के जरिए यूट्यूब पर अपलोड की गई गई है।' वहीं बशीहरहाट लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रेखा पात्रा ने इस वीडियो को 'तृणमूल की एक साजिश' कहा है।
संदेशखाली बशीहरहाट लोकसभा क्षेत्र में ही है और रेखा पात्रा भी उत्पीड़न की घटनाओं की एक पीड़िता हैं। पश्चिम बंगाल में 42 लोकसभा सीटें हैं और यहां सभी सात चरणों में चुनाव करवाए जा रहे हैं।












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