बंगाल: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ममता में जंग जारी, अब नगर निगम को लेकर हुआ विवाद
नई दिल्ली: भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल भी कोरोना से बुरी तरह प्रभावित है, जहां अब तक 2290 मामले सामने आ चुके हैं। देश में कोरोना की मृत्यु दर सबसे ज्यादा बंगाल में दस प्रतिशत है। इसके बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच विवाद जारी है। अब कोलकाता नगर निगम को लेकर ममता सरकार की ओर से लिए गए एक फैसले ने तूल पकड़ लिया है। जिस पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को संविधान के पालन की सलाह दी है।

मामले में पश्चिम बंगला के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता सरकार को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में राज्यपाल ने लिखा कि कोलकाता नगर निगम को लेकर आपके फैसले से कई विपक्षी पार्टियां नाराज हैं। मैंने भी आर्टिकल 167 के तहत पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन अभी तक बंगाल के मुख्य सचिव ने मुझे जानकारी नहीं उपलब्ध करवाई। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मामले में संविधान का पालन करेंगी।
Invoked article 167 of constitution to seek information
— ANI (@ANI) May 14, 2020
from West Bengal CM Mamata Banerjee regarding Kolkata Municipal Corporation notification of May 6. This after Chief Secretary failed to provide information. Am sure CM will follow constitution: Governor West Bengal pic.twitter.com/Q03Mxd8YIq
क्या है मामला?
दरअसल मई के पहले हफ्ते में कोलकाता नगर निगम का कार्यकाल खत्म हो गया था। कोरोना वायरस की वजह से अभी चुनाव करवा पाना संभव नहीं है। ऐसे में ममता सरकार ने एक बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर का गठन कर दिया। मेयर फिरहाद हकीम को इस बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया है। वहीं डिप्टी मेयर अतीन घोष उनके सहायक हैं। बोर्ड में ज्यादातर तृणमूल कांग्रेस के पार्षदों को जगह दी गई है। ये बोर्ड अब कोलकाता नगर निगम के कामकाज की निगरानी करेगा। इस बोर्ड पर भाजपा समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने अपत्ति जताई थी। जिस पर राज्यपाल ने सरकार से जवाब मांगा था।












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