Amit Shah: ममता सरकार को दी चुनौती, अमित शाह ने बताया घुसपैठ खत्म करने का 'मास्टरप्लान'
Amit Shah: पश्चिम बंगाल की राजनीतिक सरगर्मी के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बर्धमान में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर जमकर प्रहार किया। शाह ने राज्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक 'अवैध घुसपैठ' को केंद्र में रखते हुए दावा किया कि केवल भारतीय जनता पार्टी ही इस गंभीर समस्या को जड़ से समाप्त करने का सामर्थ्य रखती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि घुसपैठ न केवल राज्य की जनसांख्यिकी को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है। चुनावी माहौल में शाह के इस कड़े रुख ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है, जहां उन्होंने सत्ता परिवर्तन का आह्वान करते हुए तृणमूल कांग्रेस के शासन पर सीधे सवाल उठाए हैं।

अवैध घुसपैठ पर कड़ा प्रहार, सुरक्षा का संकल्प
अमित शाह ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि पश्चिम बंगाल में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना और उन्हें हटाना राज्य के भविष्य के लिए अनिवार्य है। उन्होंने जनता को विश्वास दिलाया कि यदि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनती है, तो घुसपैठ को पूरी तरह नियंत्रित किया जाएगा। शाह ने इस मुद्दे को राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जोड़ते हुए इसे भाजपा की प्राथमिकता बताया।
ममता सरकार की विदाई का दावा
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और आने वाले चुनावों में सत्ता परिवर्तन निश्चित है। शाह के अनुसार, ममता सरकार विकास और सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रही है।
सीमा सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति
सीमा प्रबंधन को लेकर गृह मंत्री ने एक बड़ा चुनावी वादा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने पर:
- सीमा सुरक्षा (Border Security) को चाक-चौबंद किया जाएगा।
- घुसपैठ रोकने के लिए सीमा पर बाड़ (Fencing) लगाने के कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी।
- बीएएसएफ (BSF) को बाड़ लगाने और निगरानी के लिए आवश्यक भूमि तुरंत आवंटित की जाएगी, जो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में लंबित है।
तल्ख हुई चुनावी बयानबाजी
अमित शाह का यह दौरा और उनके तीखे तेवर ऐसे समय में सामने आए हैं जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दल एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासियों का मुद्दा एक बार फिर राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की उम्मीद है।
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With AI Inputs












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