West Bengal Election 2026: 'अपनी बेटी के लिए जीतेंगे', छलकती आंखों के साथ RG Kar पीड़िता के पिता ने डाला वोट
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे चरण का आज मतदान है, सेकंड फेज में 142 सीटों पर वोटिंग हो रही है तो वहीं 1,448 से ज़्यादा उम्मीदवार इस रण में किस्मत आजमा रहे हैं। तो वहीं आज उस वक्त पश्चिम बंगाल के पानीहाटी में लोगों को भावुक होते हुए देखा गया जब RG Kar Medical College में रेप और हत्या की शिकार हुई लड़की के पिता, शेखररंजन देबनाथ में अपना मतदान किया।
मीडिया से बात करते वक्त उन्होंने अपने आंसुओं को रोकते हुए कहा कि 'यह दिल तोड़ने वाली बात है कि परिवार को अपनी बेटी के लिए इंसाफ़ पाने के लिए यह रास्ता अपनाना पड़ा, लेकिन हम जीतेंगे और और बेटी को न्याय दिलाएंगे।'

उन्होंने बताया कि 'सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्र में कदम रखने का उनका फ़ैसला उनकी मर्ज़ी से नहीं, बल्कि ज़रूरत की वजह से था। उन्हें लोगों के समर्थन से अपनी लड़ाई जीतने की पूरी उम्मीद है, जिससे दोबारा कभी भी किसी भी बेटी के साथ कुछ गलत ना हो।'
'हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा', रेप पीड़िता की मां
पीड़िता की मां, रत्ना देबनाथ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं, अपनी चुनावी लड़ाई के बारे में बात करते हुए, रत्ना देबनाथ ने कहा, 'हम जीतेंगे, हमें न्याय मिलेगा। लोग हमें ही वोट देंगे।मैं हर उस वोटर का शुक्रिया अदा करती हूं जो सुबह-सुबह वोट डालने आए और मैं सभी वोटरों से अपील करती हूं कि वे बाहर निकलें और वोट डालें, मुझे यकीन है कि मुझे इंसाफ़ मिलेगा।'
रत्ना देबनाथ लड़ रही हैं न्याय की लड़ाई
मालूम हो कि 24 अप्रैल को, एक चुनावी रैली के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रत्ना देबनाथ की उम्मीदवारी को एक सशक्त प्रतीक के तौर पर पेश करते हुए कहा था कि 'RG कर मामले में अपनी बेटी की मौत के बाद, BJP ने उन्हें न्याय के लिए लड़ने का एक मंच प्रदान किया है।'
क्या है आरजी मेडिकल कॉलेज का रेप केस?
9 अगस्त 2024 को, कोलकाता के राधागोविन्द कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक ऐसी घटना घटी थी जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। कॉलेज परिसर के सेमिनार हॉल में एक द्वितीय वर्ष के स्नातकोत्तर प्रशिक्षु (पीजीटी) डॉक्टर मृत पायी गई थी। बाद में पोस्टमार्टम से पुष्टि हुई कि उनके साथ क्रूरता पूर्वक रेप किया गया था और उसके बाद बेरहमी से उनकी हत्या कर दी गई थी।
संजय रॉय को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा
इस घटना से बंगाल समेत पूरे देश में काफी आक्रोश फैल गया , इसके लिए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें गहन जांच की मांग की गई थ और साथ ही भारत में डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए गए थे। 13 अगस्त 2024 को, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया था। CCTV और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने एक सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था। जनवरी 2025 में आरोपी संजय रॉय दोषी साबित हुआ था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।












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