'बंगाल में SIR के विरोध में बंपर वोटिंग, ये TMC की जीत का संकेत', बोलीं CM ममता, शाह पर लगाया गंभीर आरोप
Mamata Banerjee over Bengal Election Voting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। एक तरफ जहां रिकॉर्ड तोड़ मतदान हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ ममता बनर्जी और पीएम मोदी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटिंग के बाद कहा है कि बंगाल की जनता ने SIR के विरोध में बंपर वोटिंग की है।
सीएम ममता बनर्जी ने पहले चरण में हुई भारी वोटिंग को अपनी पार्टी के पक्ष में बताया और इसे जनता के गुस्से और विरोध का संकेत कहा है। इधर केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह ने एक्स पोस्ट में कहा है कि, 'TMC के भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का सूरज डूब चुका है।' बंगाल की 294 सीटों में से 152 सीटों पर पहले फेज में 89.93% मतदान हुआ है। (चुनाव आयोग के आंकड़े शाम 5 बजे तक हैं)

ममता का शाह पर तीखा हमला: 'कोलकाता में बैठकर अफसरों को धमका रहे हैं'
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीदी का कहना है कि अमित शाह मतदान के दिन कोलकाता में डेरा डाले हुए हैं और वहां बैठकर अधिकारियों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। ममता ने सवाल उठाया कि जब चुनाव चल रहे हैं, तो केंद्रीय एजेंसियों का इस तरह इस्तेमाल क्यों किया जा रहा है?
ममता बनर्जी के मुताबिक, बीजेपी के पास बूथों पर खड़ा करने के लिए एजेंट तक नहीं हैं, इसीलिए वे सरकारी मशीनरी और एजेंसियों पर दबाव बना रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि बंगाल में जो 89.93% की बंपर वोटिंग हुई है, वह दरअसल केंद्र की नीतियों और SIR के विरोध में जनता का गुस्सा है। दीदी ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर चुनाव निष्पक्ष हैं, तो बीजेपी अभी से जीत के दावे कैसे कर रही है? क्या उन्होंने ईवीएम (EVM) में कुछ फिक्सिंग कर रखी है?
पीएम मोदी का पलटवार: 'झालमुड़ी मैंने खाई, पर मिर्ची TMC को लगी'
दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कृष्णानगर की रैली में ममता बनर्जी पर अपने अंदाज में पलटवार किया। पीएम ने अपने हालिया 'झालमुड़ी' ब्रेक का जिक्र करते हुए कहा, "झालमुड़ी मैंने खाई, लेकिन उसकी झाल (मिर्ची) टीएमसी को लगी है।" पीएम ने दावा किया कि बंगाल की जनता टीएमसी के 'महा जंगलराज' और घुसपैठियों को संरक्षण देने वाली नीति से तंग आ चुकी है।
पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो बंगाल में जीत का जश्न होगा। उन्होंने वादा किया कि जीत के बाद न केवल मिठाइयां बंटेंगी, बल्कि झालमुड़ी भी खिलाई जाएगी। पीएम ने मतुआ और नामशूद्र समुदाय को गारंटी दी कि बीजेपी की सरकार बनते ही CAA के तहत नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
CAA और शरणार्थी समुदाय पर बड़ा संदेश
पीएम मोदी ने चुनावी मंच से मतुआ और नमशूद्र समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि अगर BJP सरकार बनती है, तो नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के तहत नागरिकता प्रक्रिया तेज की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि शरण लेने वाले परिवारों को अधिकार और सुरक्षा दी जाएगी। यह बयान बंगाल की राजनीति में खास महत्व रखता है क्योंकि राज्य में शरणार्थी समुदाय चुनावी रूप से प्रभावशाली माना जाता है।
चुनावी आंकड़ों का विश्लेषण: क्या कहते हैं पहले फेज के नंबर?
पहले चरण में 294 सीटों में से 152 सीटों पर मतदान हुआ है। लगभग 90 प्रतिशत के करीब हुई इस वोटिंग को लेकर दोनों ही पार्टियां अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं। ममता बनर्जी इसे बीजेपी के खिलाफ जनादेश मान रही हैं, तो वहीं मोदी इसे टीएमसी के कुशासन के अंत की शुरुआत बता रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी भारी संख्या में मतदाताओं का निकलना अक्सर बड़े बदलाव का संकेत होता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ज्यादा मतदान हमेशा किसी एक दल के पक्ष में नहीं जाता। कई बार यह सत्ता विरोधी माहौल का संकेत होता है, तो कई बार मजबूत संगठन भी ज्यादा वोटिंग निकालने में सफल रहता है।
ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि उन्हें किसी पद का मोह नहीं है, उनका एकमात्र लक्ष्य केंद्र से बीजेपी की विदाई है। फिलहाल, दीदी भवानीपुर में रोड शो कर दूसरे फेज की तैयारी में जुट गई हैं।












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