जिंदा पत्रकार को टीएमसी कार्यकर्ताओं की हिंसा में मृत बताने वाले वीडियो पर भाजपा की सफाई, बताया कैसे हुई गलती
पत्रकार को मृत बताने वाले वीडियो पर भाजपा की सफाई, बताया कैसे हुई गलती
नई दिल्ली, 6 मई: इंडिया टुडे में काम करने वाले एक पत्रकार को पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद हुई हिंसा में मृत बताकर भाजपा ने एक वीडियो बुधवार को शेयर की थी। जिस पत्रकार को मृत बताया गया उसने सामने आकर कहा कि वीडियो झूठ है और वो सही सलामत है। इस पर भाजपा को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। अब इस पर पश्चिम बंगाल की बीजेपी यूनिट ने सफाई दी है। पार्टी की ओर से कहा गया है कि एक गलती के चलते ऐसा हुआ। अभरो बनर्जी के एक लेख को कंटेट के तौर पर वीडियो में इस्तेमाल करते हुए गलती हुई। उनकी फोटा का लिंक गलती से इस्तेमाल हो गया।

बुधवार को बंगाल बीजेपी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि तस्वीर में दिख रहा शख्स भाजपा कार्यकर्ता है और इसका नाम मानिक मोइत्रा है। सीतलकुची के रहने वाले इस शख्स की टीएमसी कार्यकर्ताओं की हिंसा में मौत हो हई है।
वीडियो वायरल हुई तो पता चला कि वीडियो में दिख रहा शख्स इंडिया टुडे के जर्नलिस्ट अभरो बनर्जी हैं। जोकि जिंदा हैं। जिसके बाद बीजेपी द्वारा जारी किए गए इस फेक वीडियो को अब बीजेपी बंगाल के आधिकारिक फेसबुक पेज हटा लिया गया।
वीडियो को लेकर अभरो ने कहा है कि , मैं अभरो बनर्जी हूं। सीतलकुची से 1300 किमी दूर रह रहा हूं, बीजेपी आईटी सेल दावा कि मैं मानिक मोइत्रा हूं और सीतलकुची में मरा गया हूं, कृपया विश्वास ना करें यह फेक पोस्ट है, और इसकी चिंता ना करें, मैं फिर से कह रहा हूं कि, मैं जिंदा हूं।
इस वीडियो को लेकर अभरो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का मन बना रहे हैं। अभरो बनर्जी ने बताया कि, मैं आज सुबह थोड़ी देर से उठा और देखा कि मेरे फोन पर 100 से अधिक मिस्ड थे। इससे पहले कि मैं जांच कर पाता कि मेरे मित्र अरविंद ने मुझे बताया, कि भाजपा आईटी सेल ने मोइनक मित्रा के स्थान पर मेरी तस्वीर का इस्तेमाल किया है, जिनकी कथित तौर पर शीतलकुची में मृत्यु हो गई थी।












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