गोमूत्र को लेकर पं.बंगाल भाजपा में रार, कोरोनावायरस से बचाव और इलाज का दावा
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के अब तक 147 मामले सामने आ चुके हैं जबकि इस महामारी से देश में 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। राहत की बात यह है कि बाकि देशों के मुकाबले भारत सरकार इस वायरस को बड़े स्तर पर फैसले से रोकने में अब तक कामयाब रही है। इस महामारी से जूझ रहे कई विकसित देश और भारत भी इस वायरस का तोड़ निकालने में जुटा हुआ है, लेकिन अभी तक किसी के हाथ सफलता नहीं लगी है। दूसरी ओर भारत में ही कई स्थानों पर इस वायरस का इलाज गाय के मूत्र और गोबर से किए जाने का दावा सामने आया है।

गोमूत्र पीने से कोई नुकसान नहीं: दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी प्रमुख दिलीप घोष ने मंगलवार को कहा कि गोमूत्र पीने से कोई नुकसान नहीं होता है, उन्हें यह भी कहने में कोई गुरेज नहीं है कि वह खुद काफी समय से इसका सेवन कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर पार्टी के सांसद लॉकेट चटर्जी ने का कहना है कि गोमूत्र को लेकर कोई वैज्ञानिक तर्क नहीं है, कहने का मतलब है कि लॉकेट चटर्जी ने गोमूत्र के सेवन का विरोध किया है। बता दें कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए बीजेपी नेता से पहले भी कई लोगों ने गोमूत्र का सेवन करने की सलाह दी है।

गोमूत्र-खपत कार्यक्रम का हुआ आयोजन
इसी क्रम में उत्तरी कोलकाता में सोमवार को एक गोमूत्र-खपत कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें यह विश्वास जताया गया था कि गोमूत्र कोरोनोवायरस से लोगों की रक्षा करेगा या उन्हें संक्रमित होने की स्थिति में ठीक करेगा। जोरासांको क्षेत्र के एक गौशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में कई लोगों ने गोमूत्र का सेवन किया। इसी कार्यक्रम में पहुंचे एक स्वयंसेवक ने आयोजकों के खिलाफ मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसमें उनसे यह आरोप लगाया कि उसे चरणामृत (प्रसाद) के रूप में गोमूत्र पीने के लिए मूर्ख बनाया गया।

बीजेपी नेताओं में गोमूत्र को लेकर रार
इस मामले पर पश्चिम बंगाल के बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने गोमूत्र के सेवन का समर्थन किया है, इसमें कोई बुराई नहीं है। बीजेपी नेता ने कहा, सदियों से हमारे देश में लोग मूत्र का सेवन करते हैं और इसमें कोई नुकसान नहीं है, वे सभी फिट और ठीक हैं। घोष के मुताबिक वह गोमूत्र का सेवन करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, मैं अवसरवादी नहीं हूं। दिलीप घोष के दावे के उलट बीजेपी की बंगाल इकाई की महिला मोर्चा अध्यक्ष और लोकसभा सदस्य लॉकेट चटर्जी ने कहा ऐसी 'अवैज्ञानिक मान्यताओं' को छोड़ दिया जाना चाहिए।

टीएमसी और कांग्रेस ने की तीखी आलोचना
लॉकेट चटर्जी ने अपने बयान में कहा जब विज्ञान ने इतनी प्रगति की है, तो हमें ऐसी अवैज्ञानिक मान्यताओं से दूर रहना चाहिए क्योंकि यह किसी भी तरह से इस महामारी से निपटने में हमारी मदद नहीं करेगा। चटर्जी ने कहा, ऐसे दावे लोगों में और अधिक भ्रम पैदा करते हैं। दिलीप घोष के इस दावे की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने भी तीखी आलोचना की है। राज्य के संसदीय मंत्री पार्थ ने कहा, यह पूरी तरह अवैज्ञानिक और बेतुका है। जब दुनिया भर के वैज्ञानिक इस वायरस से लड़ने के लिए काम कर रहे हैं, ऐसे दावे न केवल शर्मनाक हैं बल्कि एक अपराध भी हैं।
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