कौन हैं सुजाता खान, क्या है उनके BJP छोड़कर TMC में जाने की वजह?
सुजाता मोंडल खान ने इस बात का भी खुलासा किया है कि उन्होंने भाजपा को क्यों छोड़ा?
नई दिल्ली। Sujata Mondal Khan joined TMC after quit BJP. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को उस वक्त तगड़ा झटका दिया, जब भाजपा सांसद सौमित्र खान की पत्नी सुजाता मोंडल खान टीएमसी में शामिल हो गईं। इससे पहले शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) की मौजूदगी में टीएमसी के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सहित 11 विधायक और एक पूर्व सांसद भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद सोमवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने भाजपा पर पलटवार कर दिया। आइए, जानते हैं कि कौन हैं सुजाता मोंडल खान और क्या है उनके भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल होने की वजह?

सुजाता ने संभाली थी लोकसभा चुनाव में प्रचार की कमान
सुजाता मोंडल खान, पश्चिम बंगाल के बिश्नुपुर से लोकसभा सांसद और भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सौमित्र खान की पत्नी हैं। सौमित्र खान 2014 के लोकसभा चुनाव में टीएमसी और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर सांसद बने हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सौमित्र खान की जीत में सबसे बड़ा हाथ उनकी पत्नी सुजाता मोंडल खान का ही था। दरअसल एक आपराधिक मामले में कोलकाता हाईकोर्ट ने सौमित्र खान को इस शर्त पर जमानत दी थी कि वो अपने संसदीय क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेंगे। इसके बाद सौमित्र खान के चुनाव प्रचार की कमान पूरी तरह उनकी पत्नी सुजाता ने संभाली।
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पीएम मोदी के साथ स्टेज शेयर कर चुकी हैं सुजाता
होईकोर्ट के आदेश की वजह से सौमित्र खान 2019 के लोकसभा चुनाव में अपनी सीट पर एक भी रैली या चुनावी सभा नहीं कर पाए और उनके लिए सुजाता ने ही आक्रामक अंदाज में चुनाव प्रचार किया। सुजाता मोंडल खान का अकेले अपने दम पर किया गया चुनावी प्रचार रंग लाया और सौमित्र खान बिना किसी चुनावी सभा या रैली के 78 हजार से भी ज्यादा वोटों से बिश्नुपुर सीट से चुनाव जीत गए। सुजाता खुद भी भाजपा की एक्टिव सदस्य रही हैं और चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ स्टेज शेयर कर चुकी हैं।

'खुलकर सांस लेना चाहती हूं'
पेशे से शिक्षक रहीं सुजाता मोंडल खान ने भाजपा छोड़कर टीएमसी में जाने की वजह का भी खुलासा किया। सुजाता ने बताया, 'भाजपा के लिए मैंने अपने पति की जीत सुनिश्चित के लिए कई तरह के खतरे उठाए, लेकिन इसके बावजूद पार्टी में मुझे कोई पहचान नहीं मिली। मैंने खुद के ऊपर हमले सहे, इतना बलिदान दिया, लेकिन बदले में कुछ नहीं मिला। आज भाजपा में नए-नए शामिल हुए और भ्रष्ट नेताओं को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। मैं खुलकर सांस लेना चाहती हूं, मुझे भी सम्मान चाहिए। मैं एक सक्षम पार्टी की एक सक्षम नेता बनना चाहती हूं। मैं अपनी प्यारी ममता दीदी के साथ काम करना चाहती हूं।'

'इस वजह से नहीं करना चाहती भाजपा के साथ काम'
सुजाता मोंडल खान ने आगे कहा, 'परिवार और राजनीति एक ही मंच पर नहीं हो सकते। यह मेरा आज का फैसला है और क्या गारंटी है कि सौमित्र खान भविष्य में मेरे साथ शामिल नहीं होंगे। मुझे चुनौतियां पसंद हैं और मैं एक ऐसी पार्टी के साथ काम नहीं करना चाहती, जिसके पास विधानसभा चुनाव में कोई चेहरा तक नहीं है। भाजपा में सीएम पद के लिए 6 नाम और डिप्टी सीएम पद के लिए 13 नेता लाइन में हैं। जब मैं भाजपा में थी, तो लोग पूछते थे कि आपकी पार्टी में सीएम पद का चेहरा कौन है और मुझे कहना पड़ता था- मोदी। भाजपा सीएम पद के लिए एक चेहरा तक खोजने में नाकाम रही है।'












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