West Bengal assembly elections 2021: अमित शाह के खिलाफ ममता बनर्जी की नैया पार लगाएंगे शरद पवार!
West Bengal assembly elections 2021: पश्चिम बंगाल में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं, लेकिन इस बार के चुनाव में सत्तारूढ़ टीएमसी के के लिए भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़े प्रतिद्वींद के रूप में उभरकर सामने आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार भाजपा पर हमलावर हैं। उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती गृहमंत्री अमित शाह हैं, खुद ममता बनर्जी भी इस बात को जानती हैं और ना सिर्फ ममता बनर्जी बल्कि टीएमसी के कई दिग्गज नेता शाह पर हमलावर हैं। अमित शाह के खिलाफ ममता बनर्जी की मदद के लिए खुद एनसीपी मुखिया शरद पवार आगे आए हैं।

पवार बदल सकते हैं बंगाल का गणित!
महाराष्ट्र में महाअघाड़ी की सरकार बनाने में शरद पवार की भूमिका काफी अहम रही थी, उनकी ही अगुवाई में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी एक साथ आए और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में प्रदेश में महाअघाड़ी की सरकार बनी। शरद पवार अगले साल जनवरी माह के पहले हफ्ते में कोलकाता का दौरा करेंगे और इस दौरान वह ममता बनर्जी के साथ मिलकर साझा रैली करेंगे। बता दें कि अहम बात यह है कि ममता बनर्जी और शरद पवार दोनों ने कांग्रेस से अलग होकर अलग पार्टी बनाई।
Recommended Video

एक साथ रैली करेंगे पवार-ममता
ममता बनर्जी और शरद पवार एक साथ मिलकर भाजपा और केंद्र सरकार पर हमला करेंगे। दोनों मुख्य रूप से किस तररह से केंद्र ने संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया इसको लेकर केंद्र को घेर सकते हैं। भारतीय राजनीति मे शरद पवार को काफी कद्दावर नेता के रूप में जाना जाता है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरू कहा था। शरद पवार एक ऐसे नेता हैं जो अलग-अलग दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता में बन रहने के लिए जाने जाते हैं।

भाजपा ने मुश्किल की राह
महज एक हफ्ते पहले भाजपा ने हैदराबाद के निकाय चुनाव में अकेले चुनाव लड़ा और यहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने अपना पसीना बहाया। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ शीर्ष नेताओं ने मोर्चा खोला। हालांकि राव की पार्टी ने सर्वाधिक सीटें जीतीं लेकिन भाजपा ने चुनाव में जबरदस्त सुर्खियां बटोरी। भाजपा की सफलता ने अन्य क्षेत्रीय दलों को भाजपा की राह पर चलने के लिए राह दिखाई।

पवार की रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि शरद पवार और ममता बनर्जी ने हाल ही में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री से संपर्क किया था। जिसमे अशोक गहलो, भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह भी शामिल हैं। अहम बात यह है कि दोनों ही नेताओं ने गांधी परिवार से मुलाकात नहीं की। पवार लगातार कमलनाथ के भी संपर्क में हैं, जिन्होंने कांग्रेस के लिए मध्य प्रदेश में संकटमोचक की भूमिका निभाई।

शरद पवार की दो सलाह
रिपोर्ट की मानें तो शरद पवार ने ममता बनर्जी को सलाह दी है कि वह अमित शाह की पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान आम लोगों के बीच नरम रुख रखें और खुलकर उनपर हमले ना करें। ममता बनर्जी ने शरद पवार की सलाह को काफी ध्यान से सुना है। इसके अलावा पवार ने ने ममता को सुझाव दिया है कि वह लोगों के बीच इस बात की घोषणा करें कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य अहम पद पर नहीं बैठेगा ताकि अमित शाह के परिवारवाद के आरोप पर पलटवार किया जा सके। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का नाम लेते हुए अमित शाह ने ममता बर हमला किया था।












Click it and Unblock the Notifications