उत्तर भारत में गर्मी की "बेशर्मी", लोगों का हाल बेहाल
पटना। बिहार की राजधानी पटना समेत पूरे उत्तर भारत में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं। गर्मी की बेशर्मी तब बढ़ गई जब अप्रैल के महीने में ही शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो कि पिछले दिनों की तुलना में 2 से 3 डिग्री अधिक था। खैर मौसम का ऊंट किस करवट बैठेगा यह बताने के साथ-साथ हम आपको डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह से भी अवगत करायेंगे।

गर्मी के बढ़ते तेवरों को देखते हुए शहर के लोगों ने कूलर और पंखे का सहारा लेना शुरु कर दिया है। अप्रैल माह के पहले हफ्ते में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में पारा और बढे़गा लोगों को गर्मी के तीखे तेवरों का सामना करना पड़ेगा।
उत्तर भारत में गर्मी की "बेशर्मी", लोगों का हाल बेहाल
हफने लगे कूलर एसी
शहर में तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली और पानी की खपत बढ़ गई है। कूलर,ऐसी, अभी से हाफने लगे हैं। गर्मी से बचने के लिए कूलर में पानी डालने व पीने में ही खत्म हो जा रहा है। वहीं कई मोहल्ले में के लोगों लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आपको बताते चले कि तापमान बढ़ते ही बिजली की खपत ज्यादा बढ़ी है। दिन भर पंखे कूलर ऐसी चल चल रहे हैं। फ्रीज के दरवाजे की बार-बार खुलते हैं।
सड़कों पर सन्नाटा
गर्मी के तीखे तेवर का असर आम जनजीवन के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर भी दिखने दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि शहर में दोपहर के बाद सड़कों पर लोग की आवाजाही कम होने से सड़के सूनसान होने लगी हैं। वहीं रोजमर्रा के जरूरी काम के लिए निकलने वाले युवक और युवतियां तेज धूप से बचने के लिए मुंह और सिर पर कपड़ा बांध कर निकलने के लिए विवश हो रहे हैं।
दोपहर में धूप बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा है। मौसम के जानकारों का कहना है कि आने वाले हफ्ते में गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा। बीते 3 दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान के चलते राहगीरों की हलक सूखने लगी है। जबकि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल का दाना कमजोर हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications