IAF चीफ की चेतावनी- गलवान घाटी के शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे
हैदराबाद। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया शनिवार को कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड के लिए भारतीय वायुसेना अकादमी पहुंचे। यहां उनकी मौजूदगी में वायु सेना अकादमी में ग्रेजुएशन कंबाइंड परेड चली। इस दौरान उन्होंने भारत-चीन सीमा पर शीहद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में सुरक्षा परिदृश्य से यह पता चलता है कि हमारे सशस्त्र बल हर समय तैयार और सतर्क रहते हैं।
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वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'कृपया कर्नल संतोष बाबू और उनके बहादुर लोग जिन्होंने गलवान घाटी में एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) का बचाव करते हुए बलिदान दिया है, उन्हें श्रद्धांजलि देने में मेरे साथ शामिल हों। ये चुनौतीपूर्ण स्थितियों में वीरता से किसी भी कीमत पर भारत की संप्रभुता की रक्षा करने के हमारे संकल्प को प्रदर्शित करता है।'
उन्होंने कहा, 'हम किसी भी अचानक हुई घटना का जवाब देने के लिए अच्छी तरह से तैयार और तैनात हैं। मैं देश को विश्वास दिलाता हूं कि हम गलवान के बहादुरों के बलिदान को कभी व्यर्थ नहीं जाने देंगे।' वायुसेना प्रमुख ने कहा कि सैन्य बातचीत के दौरान समझौतों के बाद अस्वीकार्य चीनी कार्रवाई और जान माल की हानि के बावजूद यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास चल रहे हैं कि एलएसी में मौजूदा स्थिति को शांति से हल किया जाए।
बता दें सोमवार को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर गलवान घाटी में चीनी सेना ने भारतीय सैनिकों पर अचानक हमला कर दिया था। जिसमें हमारे 20 सैनिक शहीद हो गए। भारत और चीनी सैनिकों के बीच गलवान घाटी में ऐसी झड़प करीब 45 साल बाद देखने को मिली। हालांकि चीन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है कि उसके कितने सैनिकों की मौत हुई है। लेकिन सेना के सूत्रों का कहना है कि 43 चीनी सैनिक मरे/घायल हुए हैं।












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