केंद्र से केजरीवाल ने की दिल्ली को खोलने की अपील, बोले- लॉकडाउन से कोरोना खत्म नहीं होगा, हमें जीना सीखना होगा
नई दिल्ली। देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा मरीज महाराष्ट्र में है फिर उसके बाद गुजरात और दिल्ली में। दिल्ली के सभी 11 जिले रेड जोन में हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस पर हैरानी जताई है। इंडिया टूडे की खबर के मुताबिक उनके चैनल के एक खास कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं केंद्र सरकार से बातचीत कर रहा हूं कि बाकी दिल्ली को खोल दीजिए, दिल्ली खुलने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केवल कंटेनमेंट जोन को बंद किया जाना चाहिए। आज दिल्ली में 97 कंटेनमेंट जोन हैं। आप 200 कंटेनमेंट जोन कर दीजिए, 250 कर दीजिए, लेकिन बाकी दिल्ली को तो खोल दीजिए। बाकी अर्थव्यवस्था को खोल दीजिए। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि केंद्र ने सिर्फ दिल्ली से भेदभाव किया है। आज सभी मेट्रो शहर रेड जोन में हैं। उन्होंने कहा कि इस लॉकडाउन में हमने कोरोना हॉस्पिटल बना लिए, लैब बना लिए। आज हमारे पास पर्याप्त टेस्टिंग किट और PPE किट्स मौजूद हैं। आज दिल्ली कोरोना से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन केंद्र सरकार का सबसे सराहनीय कदम है, लेकिन लॉकडाउन से कोरोना पूरी तरह खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसे खत्म करने के लिए सभी को एक साथ आना होगा। देशभर से कोरोना को खत्म करने के लिए सभी जगह एक जैसी तैयारी करनी होगी। सभी जगह अच्छे से अच्छे अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महामारी दुनियाभर के लिए नई है। किसी के पास इससे निपटने का तजुर्बा ही नहीं है। हर कोई अपने- अपने ढंग इस बीमारी से जंग लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 साल में भारत ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो गलतियां की हैं कोरोना वायरस ने उन्हें उजागर कर दिया है। अब हमें इस पर गंभीरता से सोचना होगा।
कापसहेड़ा की घटना का जिक्र करते हुए सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज एक बिल्डिंग में 41 केस निकले हैं। उस बिल्डिंग को सील कीजिए न। उस बिल्डिंग के चलते पूरे जिले को सील करने का फैसला गलत है। केंद्र का यह निर्णय सही नहीं है, जिसको और सोच विचार करने की जरूरत है।












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