छत्तीसगढ़: श्यामगिरी के वोटर बोले - हमे डरे हुए नहीं है, दो दिन पहले बीजेपी विधायक और जवानों की नक्सलियों ने की थी हत्या
रायपुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर लोकसभा सीट में नक्सलियों की धमकी के बावजूद गुरुवार को 11 बजे तक 23 फीसदी मतदान की खबर आ रही है। यहां चुनाव से दो दिन ठीक पहले नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए छत्तीसगढ़ के बीजेपी विधायक और चार जवानों की हत्या कर दी थी। नक्सलियों ने आईडी ब्लास्ट के जरिए इस घटना को अंजाम दिया।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के चार विधानसभा क्षेत्रों दंतेवाड़ा, कोंटा, बीजापुर और नारायणपुर में मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगा वहीं अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों बस्तर, चित्रकोट, कोंडागांव और जगदलपुर में मतदान का समय सुबह 7 बजे से 5 बजे तक है।

'वोटर बोले- हम डरे हुए नहीं है'
चुनाव आयोग के अधिकारी के मुताबिक बस्तर लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले कई बुथों पर लंबी लाइनें देखने को मिले हैं। इसमें बस्तर क्षेत्र में आने वाले दंतेवाड़ा जिले का श्यामगिरी भी है। श्यामगिरी के 920 मतदाताओं में से 410 मतदाता 10 बजे तक वोट डाल चुके हैं। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों का रुख किया और कहा डरने की एक वजह हो सकती है, लेकिन हम डरे हुए नहीं है। बस्तर क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरु हो गई है, जो सुचारु रूप से चल रही है। पीटीआई से बातचीत में चुनाव अधिकारी ने कहा कि 23 फीसदी मतदान 11 बजे तक हो चुका है।

नक्सलियों ने की थी बीजेपी विधायक की हत्या
मंगलवार को नक्सलियों के एक समूह ने दंतेवाड़ा के कुआंकोण्डा थाना क्षेत्र में खतरनाक आईईडी ब्लास्ट में बीजेपी के एक विधायक भीमा राम मंडावी की हत्या कर दी थी। उनके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस के चार जवान भी इस हमले में मारे गए थे। भीमाराम मंडावी दंतेवाड़ा से बीजेपी के विधायक थे। आईईडी ब्लास्ट ने मंडावी की बुलेट-प्रूफ कार को नष्ट कर दिया था। वो अपने ड्राइवर और तीन सुरक्षाकर्मियों के साथ इस कार में थे।

बस्तर से बीजेपी के एक मात्र विधायक थे
भीमा राम मंडावी बस्तर क्षेत्र में बीजेपी के एक मात्र विधायक थे। वो तीन बार से दंतेवाड़ा से जीत रहे थे। 40 साल के भीमा राम मंडावी छत्तीसगढ़ के उभरते हुए आदिवासी नेता थे। बस्तर लोकसभा क्षेत्र में 12 विधानसभा सीटें हैं। उनके अलावा 11 अन्य विधायक कांग्रेस से हैं। गौरतलब है कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया है। बस्तर निर्वाचन क्षेत्र में सुचारू और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए लगभग 80,000 राज्य और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया है।












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