कोवैक्सिन के EUA मिलने में हो रही देरी पर भारत बायोटेक ने कहा- हम जिम्मेदार निर्माता
नई दिल्ली, सितंबर 28: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता के लिए और अधिक जानकारी की मांग की है। डब्ल्यूएचओ ने भारत बायोटेक से उसकी कोरोना वैक्सीन 'कोवाक्सिन' को आपात मंजूरी देने के लिए और भी डाटा उपलब्ध कराने को कहा है। अब इस मामले पर भारत बायोटेक की ओर से जवाब आया है। बायोटेक ने इस मामले में अनावश्यक टिप्पणी करने के इनकार कर दिया है।

बायोटेक की ओर से आज जारी बयान में कहा गया है कि, अन्य टीकों को मिले पिछले अनुमोदन के साथ एक जिम्मेदार निर्माता के रूप में हम नियामक अनुमोदन प्रक्रिया और इसकी समय-सीमा पर अटकलें लगाना या टिप्पणी करना उचित नहीं समझते हैं। हम जल्द से जल्द इमरजेंसी यूज ऑथराइजेशन प्राप्त करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ लगन से काम कर रहे हैं।
बता दें कि, डब्ल्यूएचओ की मंजूरी के बिना, कोवैक्सिन को दुनिया भर के अधिकांश देशों द्वारा स्वीकृत वैक्सीन नहीं माना जाएगा और अप्रूवल में हो रही देरी से विदेश में पढ़ने वाले छात्रों, चिकित्सा पर्यटकों, व्यापारिक यात्रियों और जो लोग विदेश में यात्रा करना चाहते हैं वो प्रभावित हो सकते हैं। पिछले शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने संकेत दिया था कि वैश्विक स्वास्थ्य निकाय जल्द ही कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दे सकता है।
हाल ही में केंद्र सरकार ने कहा था कि डब्ल्यूएचओ कोवैक्सिन को जल्द ही कभी भी अपनी मंजूरी दे सकता है। न्यूज एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने पिछले शुक्रवार को कहा था, 'मंजूरी के लिए दस्तावेज जमा करने की एक प्रक्रिया है। कोवैक्सिन को डब्ल्यूएचओ की आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी जल्द ही मिल जाएगी।' इससे पहले नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप के डॉ वी के पॉल ने भी कहा था कि कोवैक्सिन के लिए डब्ल्यूएचओ की मंजूरी इस महीने के अंत से पहले मिलने की संभावना है।












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