INS Vikrant MH60R हेलीकॉप्टर की पहली लैंडिंग का गवाह बना, नौसेना ने अरब सागर में 'गाड़े झंडे', VIDEO
भारतीय नौसेना ने अरब सागर में पराक्रम के झंडे गाड़े हैं। पहली बार विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर MH60R हेलीकॉप्टर की सफल लैंडिंग कराई गई है।

INS Vikrant MH60R हेलीकॉप्टर की पहली लैंडिंग के साथ ही भारतीय नौसेना के पराक्रम का एक और सुनहरा प्रमाण बन कर उभरा। MH 60 'रोमियो' (MH60R) हेलीकॉप्टर जल्द ही सेना का अंग बनेगा।
इससे पहले अरब सागर में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित विमानवाहक पोत, INS विक्रांत पर MH60R की पहली लैंडिंग हुई। बुधवार को नेवल एयर स्टेशन आईएनएस गरुड़ कोच्चि से उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर अरब सागर में आईएनएस विक्रांत पर उतरा।
नौसेना ने कहा कि नौसेना के युद्धपोतों के साथ हेलीकॉप्टर का एकीकरण नौसेना की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और फ्लीट सपोर्ट क्षमता के लिए एक बड़ा बढ़ावा है। एकीकरण पानी के नीचे के खतरों का मुकाबला करने में मददगार होगा। इससे नौसेना की क्षमता और मजबूत होगी।
इससे पहले 19 मई को, एक MH 60R ने कोच्चि से दूर अरब सागर में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित नौसैनिक विध्वंसक, INS कोलकाता पर अपनी पहली समुद्री लैंडिंग की थी।
MH60R हेलीकॉप्टर एक बहुमुखी चॉपर है जो अपनी असाधारण एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW), निगरानी, एंटी-शिपिंग और खोज और बचाव क्षमताओं के लिए जाना जाता है।
अमेरिकी रक्षा प्रमुख लॉकहीड मार्टिन से खरीदे गए मल्टीरोल हेलीकॉप्टरों को शामिल करने से भारतीय नौसेना के हवाई बेड़े के चल रहे आधुनिकीकरण को काफी बढ़ावा मिलेगा।
आईएनएस विक्रांत और MH 60R पर टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, MH60R को दुनिया के सबसे उन्नत समुद्री हेलीकाप्टरों में से एक माना जाता है। इसे फ्रिगेट, विध्वंसक, क्रूजर और विमान वाहक से संचालित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
एमएच60आर हर मौसम में चलने वाला हेलीकॉप्टर है जिसे अत्याधुनिक एवियोनिक्स/सेंसर के साथ कई मिशनों में मदद के लिए डिजाइन किया गया है। इससे भारतीय नौसेना की ताकत में कई गुना इजाफा होगा।












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