तमिलनाडु: अपनी ही जमीन नहीं बेच पा रहे ग्रामीण, कई गांवों पर वक्फ बोर्ड ने किया दावा
चेन्नई, 14 सितंबर: तमिलनाडु के थिरुचेंदुरई गांव के लोगों को पिछले कुछ दिनों से अपनी जमीन बेचने में दिक्कत हो रही है। इसके पीछे की वजह वक्फ बोर्ड को बताया जा रहा। ग्रामीणों का दावा है कि जब भी वो अपनी जमीन बेचने के लिए रजिस्ट्री ऑफिस जाते हैं, तो उनको वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लाने को बोला जाता है। इस मामले को अब राजनीतिक दलों ने भी मुद्दा बना लिया है। साथ ही जांच की मांग की जा रही।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांव में रहने वाले राजगोपाल एक एकड़ जमीन बेचना चाहते थे, लेकिन उनको वक्फ बोर्ड से एनओसी लाने को बोल दिया गया। इसके बाद वो हैरान रह गए, उन्होंने सभी दस्तावेजों की जांच करवाई, लेकिन उनको वक्फ बोर्ड से जुड़ा कोई कागज नहीं मिला। एक अधिकारी के मुताबिक थिरुचेंदुरई गांव की सारी जमीन अब वक्फ बोर्ड की है और अगर कोई जमीन बेचना चाहता है, तो उसे चेन्नई में बोर्ड से एनओसी हासिल करनी होगी।
मीडिया से बात करते हुए राजगोपाल ने कहा कि 1996 में उन्होंने गांव में 1.2 एकड़ जमीन खरीदी थी, उस वक्त उन्होंने उसकी सारी डिटेल चेक करवाई थी, लेकिन किसी भी जगह पर वक्फ बोर्ड का नाम नहीं था। अब अचानक से उनको बताया जा रहा कि पूरे गांव पर वक्फ बोर्ड दावा कर रहा। उनका गांव हिंदू बाहुल्य है, लेकिन वहां पर कुछ मुस्लिम परिवार भी रहते हैं। उन लोगों में कभी भी कोई तनाव नहीं हुआ, लेकिन वक्फ के दावे से अब ग्रामीणों में काफी रोष है। वहीं दूसरी ओर वक्फ बोर्ड ने त्रिची में 12 रजिस्ट्री दफ्तरों को 20 पन्नों का एक पत्र भेजा है, जिसमें कई जिलों में जमीन का दावा किया गया।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल?
स्थानीय लोगों के मुताबिक तिरुचेंदुरई में 1500 साल पुराना सुंदरेश्वर मंदिर है। गांव में श्रीरंगम मंदिर से संबंधित कई रीति-रिवाजों का आयोजन भी किया जाता है। ऐसे में वक्फ उनकी जमीन पर कैसे दावा कर सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक उनके गांव के अलावा 18 अन्य गांवों में भी इसी तरह की स्थिति है, वहां पर भी लोग अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे।












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