संसदीय समिति की बैठक में खड़गे पर लगे वक्फ की जमीन हड़पने के आरोप, विपक्षी सांसदों ने किया वॉकआउट
Waqf Amendment Bill News: वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक विपक्षी सांसदों ने सोमवार (14 अक्टूबर) को बहिष्कार किया है। सांसदों ने आरोप लगाया कि कर्नाटक राज्य अल्पसंख्यक आयोग और कर्नाटक अल्पसंख्यक विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपेडी का प्रस्तुतीकरण वक्फ विधेयक के बारे में नहीं था।
उन्होंने आरोप लगाया है कि बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मामला उठाया गया था। सांसदों का कहना था कि संयुक्त संसदीय समिति की कार्यवाही नियमों और प्रक्रियाओं के मुताबिक नही की जा रही है। उनका दावा है कि मल्लिकार्जुन खड़गे पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया जा रहा है।

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खड़गे के खिलाफ अनावश्यक आरोप लगाए जा रहे हैं: विपक्षी सांसद
विपक्षी सांसदों का आरोप लगाया कि कर्नाटक अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनवर मणिपेडी कर्नाटक सरकार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ अनावश्यक आरोप लगा रहे हैं, जो समिति के अनुरूप नहीं है और स्वीकार्य नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि उन्होंने बैठक का बहिष्कार किया है क्योंकि समिति सिद्धांतों के साथ काम नहीं कर रही है। सावंत ने कहा, "हमने बहिष्कार किया है क्योंकि समिति समिति के सिद्धांतों और मानदंडों के साथ काम नहीं कर रही है। नैतिक और सैद्धांतिक रूप से वे गलत हैं।"
विपक्षी सांसदों ने वक्फ विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के बारे में अपनी सभी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष से संपर्क करने का फैसला किया है। इससे पहले आज अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और उनके पिता हरि शंकर जैन अपनी टीम के साथ संयुक्त संसदीय समिति के समक्ष अपनी प्रस्तुति दर्ज कराने के लिए संसद एनेक्सी पहुंचे।
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वक्फ (संशोधन) विधेयक 8 अगस्त को किया गया था पेश
वक्फ (संशोधन) विधेयक 8 अगस्त को लोकसभा में पेश किया गया था और फिरबहस के बाद इसे जेपीसी को भेज दिया गया था। वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर जेपीसी 1 अक्टूबर तक कई चर्चाएं आयोजित कर रही है।
इन परामर्शों का उद्देश्य वक्फ अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को बेहतर करना है। ये देश भर में 600,000 से अधिक पंजीकृत वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को नियंत्रित करता है।
1995 का वक्फ अधिनियम वक्फ संपत्तियों को विनियमित करने के लिए बनाया गया था, लेकिन इस पर लंबे समय से कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अतिक्रमण के आरोप लगे हैं।
वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024, व्यापक सुधार लाने, डिजिटलीकरण, सख्त ऑडिट, पारदर्शिता और अवैध रूप से कब्जे वाली संपत्तियों को वापस लेने के लिए कानूनी तंत्र में लाने की कोशिश करता है। समिति को अगले संसद सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक लोकसभा को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।












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