व्यापमं घोटाला, फिर भी एमपी की जनता भाजपा के साथ
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) व्यापमं घोटाला सच में मध्य प्रदेश में भाजपा का बाल भी बांका नहीं कर सका। जिसको लेकर सारा विपक्ष मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग कर रहा था, पर लगता है कि प्रदेश की जनता को व्यापमं घोटाले से कोई लेना-देना ही नहीं है।
निकाय चुनाव के नतीजे
इसका ताजा उदाहरण है निकाय चुनाव के नतीजे।मध्यप्रदेश के निकाय चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस से आठ सीटें छीनीं। जानकारों ने बताया कि प्रदेश के 16 नगर निगमों पर भाजपा का शासन है।
शांत होंगे विरोधी
जानकार मान रहे हैं कि इन नतीजों के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पार्टी में कुछ विरोधी अब शांत हो जाएँगे। मिली जानकारी के अनुसार, भाजपा ने उज्जैन, मुरैना नगर निगम में जीत दर्ज की। उधर,
कांग्रेस को नगर पालिका सारंगपुर में जीत मिली। मुरैना नगर निगम के चुनाव में भाजपा के अशोक अर्गल ने जीत हासिल की। उधर, उज्जैन में भाजपा की मीना जोनवाल ने जीतीं। जहां तक विदिशा की बात है तो वहां पर भाजपा के मुकेश टंडन ने विजयी रहे। विदिशा से केन्द्रीय मंत्री सुषमा स्वराज लोकसभा पहुंचती हैं।
नहीं बना चुनावी मुद्धा
जानकारों ने बताया कि उक्त चुनावों में व्यापमं कहीं मुद्धा तक नहीं बना। ये कैंपेन का हिस्सा भी नहीं था। यानी साफ है कि मध्य प्रदेश में व्यापमं घोटाले कोई असर नहीं है। बता दें कि उक्त घोटाले की जांच अब सीबीआई कर रही है। उसने कई आरोपियों के खिलाफ केस भी दर्ज करें हैं।













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