राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान संपन्न, जमकर हुई क्रॉस वोटिंग, नतीजे 21 जुलाई को
नई दिल्ली, 18 जुलाई: संसद और देश के सभी राज्यों की विधानसभाओं में सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग हुई। इस चुनाव में एनडीए गठबंधन ने आदिवासी नेता द्रौपदी मुर्मू को मैदान में उतारा था, जबकि यशवंत सिन्हा विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार थे। वोटिंग संपन्न होने के बाद बैलेट बाक्स को सील कर दिया गया है। अब वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।

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मामले में राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी ने कहा कि 16वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग, जिसकी शुरूआत 18 जुलाई यानी आज सुबह 10 बजे संसद भवन और सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के निर्धारित स्थानों पर शुरू हुई थी, वो शाम 5 बजे संपन्न हो गई। सभी जगहों पर मतदान शांतिपूर्वक हुआ। उन्होंने आगे कहा कि 736 निर्वाचकों (संसद के 727 सदस्य और विधानसभा के 9 सदस्य) में से 728 निर्वाचकों (संसद के 719 सदस्य और विधानसभा के 9 सदस्य) ने अपना वोट डाला। ऐसे में संसद भवन में कुल मतदान 99 के आसपास हुआ।
कई पार्टियों में क्रॉस वोटिंग
वहीं विपक्षी दल शुरू से एक होने का दावा कर रहे थे। इसी वजह से सभी दलों ने यशवंत सिन्हा का समर्थन भी किया, लेकिन वोटिंग वाले दिन सभी दावों की पोल खुल गई। गुजरात, यूपी, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में विपक्षी दलों के विधायकों में फूट देखने को मिली। राष्ट्रपति चुनाव में एनसीपी चीफ शरद पवार की अहम भूमिका थी, लेकिन उनकी ही पार्टी के विधायक कांधल एस. जडेजा ने मुर्मू को वोट कर दिया। इसी तरह झारखंड से एनसीपी विधायक कमलेश सिंह मुर्मू के पक्ष में चले गए। कांग्रेस भी क्रॉस वोटिंग रोकने में फेल रही, जहां ओडिशा से पार्टी विधायक मोहम्मद मुकीम, हरियाणा में कुलदीप विश्नोई समेत कई विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।
पार्टी नहीं कर सकती कार्रवाई
आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव को लेकर साफ नियम है कि कोई पार्टी व्हिप जारी नहीं कर सकती यानी सांसद और विधायक अपने मन से राष्ट्रपति उम्मीदवार को वोट देते हैं। इस वजह से पार्टियां क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई नहीं कर सकती हैं।












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