नवरात्रि में 8 करोड़ कैश से सजाया गया देवी का 135 साल पुराना मंदिर, ट्रस्ट बोला ये पैसा मेरा नहीं
नई दिल्ली, 30 सितंबर: पूरे देश में नवरात्रि का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। डांडिया खेलने से लेकर व्रत रखने वाले भक्तों तक इस त्योहार को अलग-अलग तरीके से मनाते हैं। आंध्र प्रदेश के 135 साल पुराने देवी वासवी कन्याका परमेश्वर मंदिर को इस नवरात्रि पर 8 करोड़ रुपए से सजाया गया है। विशाखापत्तनम स्थित मंदिर को करेंसी नोटों और सोने के गहनों से सुसज्जित किया गया।

हर नवरात्रि में मंदिर को अलग-अलग तरीकों से सजाया जाता
मंदिर समिति का कहना है, यह सार्वजनिक योगदान है और पूजा समाप्त होने के बाद वापस कर दिया जाएगा। यह मंदिर ट्रस्ट के पास नहीं जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब कन्याका परमेश्वर मंदिर में देवी को दशहरे पर भी सोने के गहनों और करोड़ों की मुद्रा से सजाया गया है। हर नवरात्रि में मंदिर को अलग-अलग तरीकों से सजाया जाता है।

दीवारों और फर्श को नोटों से सजाया
विशाखापत्तनम में आयोजन समिति ने कहा कि ये नोट व गहने मंदिर के अंदरूनी हिस्से को सजाने के लिए इस्तेमाल किए गए थे। परंपरागत रूप से हर साल देवी नवरात्रि के अवसर पर मूर्ति को सोने के आभूषणों से सजाया जाता है। सामने आई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि, भारतीय मुद्रा के कई अलग अलग कीमत वाले नोटों का उपयोग देवी के पीछे की दीवारों और आंतरिक मंदिर के कमरे के फर्श को सजाने में किया गया है।

लोग का मानना है कि, इससे अच्छी किस्मत आती है
मंदिर समिति के अध्यक्ष कोल्लुरु वेंकटेश्वर राव ने बताया, यह मंदिर ट्रस्ट के पास नहीं जाता है। 138 साल पुराने मंदिर में, 10 दिवसीय नवरात्रि उत्सव के दौरान मूर्ति को श्री महालक्ष्मी के विभिन्न अवतारों के रूप में पूजा जाता है। लोगों का मानना है कि, देवी के चरणों में अपना पैसा रखने से व्यापार में अच्छी किस्मत आती है और अच्छा रिटर्न मिलता है। सोने का योगदान मंदिर में देवी के पास रहता है।

विदेश से आए फूलों से सजा माता वैष्णो देवी मंदिर
नवरात्रि के इस मौसम में देश के कई हिस्सों में देवी के मंदिरों को सजाया गया है। माता वैष्णो देवी मंदिर में भव्य सजावट की गई है। कई देशों से लाए गए फूलों के साथ माता वैष्णो देवी का मंदिर सजाया गया है। इसके साथ ही मंदिर में भक्तों की सुविधाओं के लिए तमाम इंतजाम भी किए गए हैं।












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