मुस्लिम लड़की ने बनाई गणेश मूर्ति, गांव वाले कर रहे पूजा
बेंगलुरू। ईश्वर एक है, उसे कोई धर्म बांट नहीं सकता है क्योंकि धर्म केवल प्रेम का पाठ पढ़ाता है, ये कहना है बेंगलुरू की रहने वाली नगमा का, जिन्होंने इस बार गणेश जी की मूर्ति बनाकर, गणेशोत्सव में दी है।
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एनबीटी में छपी खबर के मुताबिक धार्मिक सौहार्द का पाठ पढ़ाने वाली नगमा बैंगलुरू की देवीशेट्टीहली गांव की रहने वाली हैं। ये गांव हिंदू-मुस्लिम प्रेम की मिसाल के लिए जाना जाता है। गांव के किसी व्यक्ति को नगमा की बनाई मूर्ति पर एतराज नहीं है।
आखिर मर्द ही क्यों करते हैं गणेश-विसर्जन?
बल्कि हर किसी को नगमा की इस कोशिश पर नाज है। नगमा खुद डिप्लोमा छात्रा है और अच्छे से पढ़ाई का मतलब समझती हैं इसलिए वो गांव की लड़कियों को पढ़ने के लिए प्रेरित भी करती हैं।
गंगा में विसर्जित अस्थियां आखिर जाती कहां हैं?
मालूम हो कि बैंगलुरू का देवीशेट्टीहली गांव हमेशा अपने सौहार्द प्रेम के लिए जाना जाता है, यहां हिंदू भाई अपने मुस्लिम भाईयों की ईद में शरीक होते हैं तो वहीं मुस्लिम भाई अपने हिंदू भाईयों के साथ होली भी मनाते हैं और दुर्गा-पूजा में भी शामिल होते हैं।
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