मणिपुर हिंसा को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश क्यों हुई? RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान
Vijayadashmi Utsav:आज पूरा देश दशहरे का पर्व मना रहा है, इस खास मौके पर नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सदस्यों ने 'पथ संचलन' का आयोजन किया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर मशहूर गायक शंकर महादेवन भी मौजूद थे। इस खास मौके पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 'देश विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है।'

उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि 'देश में हर साल ऐसी बहुत सारी चीजें होती हैं, जो कि लोगों को गौरवान्वित करती हैं, हर साल दुनिया में भारत का गौरव बढ़ रहा है, यहां (भारत में) आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन विशेष था। भारतीयों का आतिथ्य सत्कार प्रशंसा की गई है। विभिन्न देशों के लोगों ने हमारी विविधता का अनुभव किया। उन्होंने हमारे कूटनीतिक कौशल के साथ-साथ हमारी ईमानदार सद्भावना को भी देखा और उससे पूरी दुनिया प्रभावित हुई, हम सबको अमृतकाल देखने का सौभाग्य मिला।'
22 जनवरी को मंदिर में राम मूर्ति की स्थापना की जाएगी
अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन रहा है, 22 जनवरी को मंदिर में भगवान राम (मूर्ति) की स्थापना की जाएगी, उस दिन हम पूरे देश में अपने-अपने मंदिरों में कार्यक्रम आयोजित कर सकते हैं।
मणिपुर हिंसा किन के बलबूते चलती रही?
इसी के साथ ही आरएसएस के चीफ मोहन भागवत ने मणिपुर हिंसा पर भी खास बात कही। उन्होंने कहा कि मणिपुर में जो ताजा हालात हैं उन्हें देखकर यही लगता है कि वहां पर हिंसा करने वाले लोगों में सीमापार के अतिवादी भी थे? आखिर जो राज्य सदियों से शांत था, वहां पर हिंसा की आग कैसे सुलग गई। मैतेयी समाज और कुकी समाज के आपसी संघर्ष को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश क्यों हुई? संघ जैसे संगठन को बिना कारण इसमें घसीटने का प्रयास करने में किसका स्वार्थ जुड़ा हुआ है? उन्होंने कहा कि देश में मजबूत सरकार के होते हुए भी यह हिंसा किन के बलबूते चलती रही?
यह विश्व की शांति का मंत्र है-शंकर महादेवन
तो वहीं मशहूर सिंगर शंकर महादेवन ने श्लोक गाते हुए कहा, "...तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्मा अमृतं गमय, ॐ शांतिः शांतिः शांतिः । यह विश्व की शांति का मंत्र है। हर इंसान की शांति के लिए प्रार्थना। यही हमारा देश है, मेरा मानना है कि भावी पीढ़ियों को संगीत और गीतों के माध्यम से हमारी संस्कृति को शिक्षित और प्रसारित करना मेरा कर्तव्य है।'
नागपुर में 'शस्त्र पूजा' की थी
आपको बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस भी नागपुर में RSS के विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में पहुंचे हैं। अपने संबोधन से पहले RSS प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी उत्सव के अवसर पर नागपुर में 'शस्त्र पूजा' की थी । मालूम हो कि दशहरे के मौके पर आरएसएस की ओर से शस्त्र पूजा की जाती है और 'पथ संचलन' का आयोजन होता है।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को बधाई दी है। उन्होंने Tweet किया है कि 'देशभर के मेरे परिवारजनों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं। यह पावन पर्व नकारात्मक शक्तियों के अंत के साथ ही जीवन में अच्छाई को अपनाने का संदेश लेकर आता है।'












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