अब कश्‍मीरी पंडितों को अपना निगहबान बता रहा है हिजबुल

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श्रीनगर। वर्ष 1990 में जब कश्‍मीर घाटी में आतंकवाद ने अपने पैर पसारने शुरू किए तो वहां बसे कश्‍मीरी पंडितों को वहां से जाना पड़ा। वजह थी आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का आतंक और यहां पर पंडितों पर होने वाला जुल्‍म। अब हिजबुल मुजाहिदीन के नए कमांडर रियाज नाइक ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें उसने कहा है कि पंडितों के लिए हमेशा से हिजबुल के दिल में एक खास जगह थी। 

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क्‍या कहा है रियाज ने

रियाज ने अपना एक 11 मिनट का वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उसने कहा है कि कश्‍मीरी पंडितों के लिए हमेशा से उसके दिल में एक खास जगह रहेगी। कश्‍मीरी पंडित हिजबुल के लिए उसके लिए एक निगहबान की तरह हैं।

नाइक की मानें तो 90 के दशक में पंडितों का अगर अपना घर छोड़ना पड़ा था तो इसकी वजह थी उस समय के राज्‍यपाल जगमोहन मल्‍होत्रा जिन्‍होंने मुसलमानों के खिलाफ एक साजिश रची थी।

नाइक का दावा है कि राज्‍यपाल चाहते थे कि सभी कश्‍मीरी मुसलमानों की हत्‍या कर दी जाए और फिर यहां पर पंडितों को बसाया जाए।

अब आप घाटी में वापस आइए

रियाज ने इसके साथ ही कश्‍मीरी पंडितों से अपील की है कि वे घाटी में वापस आएं। घाटी में कश्‍मीरी पंडित वापस आकर साबित करें कि क्‍या वाकई मुजाहिदों की वजह से उन्‍हें कश्‍मीर छोड़ना पड़ा था? रियाज ने कहा कि कश्‍मीरी पंडित देश

का हिस्‍सा हैं और हिजबुल के दुश्‍मन नहीं हैं। आपको बता दें कि बुरहान वानी ने भी अपनी मौत से पहले कुछ इसी तरह का वीडिया जारी कर पंडितों से वापस आने के लिए कहा था।

वानी ने पंडितों से उनकी सुरक्षा का वादा भी किया था। हालांकि उसने हमेशा से ही पंडितों के लिए बनने वाली कॉलोनी का विरोध किया था।

सीआरपीएफ कमांडर की मौत पर रोया रियाज

रियाज ने कहा कि 15 अगस्‍त को जब उसे पता लगा कि सीआरपीएफ कमांडर प्रमोद कुमार को उसके संगठन के आतंकियों ने मार दिया तो उसे काफी अफसोस हुआ था।

रियाज ने कहा कि उसने कमांडर प्रमोद कुमार की छह वर्ष की बेटी को सुना जब वह कह रही थी कि वह अपने पिता को सबसे ज्‍यादा प्‍यार करती है। यह सुनकर उसकी आंखों में आंसू आ गए थे। रियाज की मानें तो अगर वह आतंकी होता तो उसके जनाजे में पांच लाख लोग इकट्ठा नहीं होते।

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English summary
Following the outbreak of militancy in 1990, several Kashmiri Pandits had fled their homes in J&K. Hizbul Mujahideen has said that Pandits always had a place in our hearts.
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