VIDEO: चीन से विवाद के बीच अंडमान निकोबार में तीनों सेनाओं का युद्धाभ्यास, जवानों ने दिखाई अपनी ताकत
चीन की नजर अब हिंद महासागर पर है। इस बीच भारत की तीनों सेनाओं ने अंडमान निकोबार में युद्धाभ्यास किया। जिसका वीडियो सामने आया है।

लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बुरी तरह से मात खाने के बाद अब चीन की नजर हिंद महासागर पर है। वहां पर उसने जासूसी जहाज भेजनी की भी कोशिश की थी। चीन को कड़ा जवाब देने के लिए भारत की तीनों सेनाएं मिलकर वहां पर युद्धाभ्यास कर रही हैं। (वीडियो-नीचे)
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना 5 अप्रैल से अंडमान निकोबार में युद्धाभ्यास कर रहीं। जिसे संयुक्त सैन्य अभ्यास कवच (EX-KAVACH) कहा जा रहा। इसका मकसद तीनों सेनाओं के तालमेल को और बेहतर करना है।
मामले में अंडमान निकोबार कमांड ने कहा कि संयुक्त बलों ने जमीन-जल में लैंडिंग, एयर-लैंडेड ऑप्स, हेलीबोर्न ऑप्स और विशेष बलों को शामिल करते हुए मल्टी-डोमेन अभ्यास किए हैं, जो भविष्य में काम आएंगे।
वहीं भारतीय सेना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा, जिसमें शत्रुजीत ब्रिगेड ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इस दौरान उसके जवानों ने वायुसेना के विमान से छलांग लगाई और अपने टारगेट पर लैंड किया। चीन के साथ समुद्री सीमा विवाद के बीच ये युद्धाभ्यास काफी अहम माना जा रहा है।
सर्वे करना चाहता है चीन
हाल ही में एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें बताया गया कि हिंद महासागर में चीन की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीजिंग ने कुछ ऐसी जगहों की लिस्ट तैयार की है, जहां पर उसके रिसर्च वाले जहाज जाएंगे। जिसमें कई विवादित इलाके भी शामिल हैं।
चीन भले ही इसे रिसर्च प्रोग्राम बता रहा, लेकिन ये पूरी दुनिया जानती है कि वो अपनी विस्तारवादी नीति अब हिंद महासागर में भी लागू करना चाहता है।
60 से ज्यादा सर्वेक्षण जहाज
एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के पास महासागर का सर्वेक्षण करने वाले 60 से ज्यादा जहाज हैं। वैसे तो कहा जाता है कि ये जहाज समुद्र के ऊपर रिसर्च करते हैं, लेकिन दुनिया का मानना है कि ये मुख्य रूप से जासूसी का काम करते हैं।
आमतौर पर किसी भी देश की नौसेना के विमान जल सीमा के ज्यादा पास या उसके पार नहीं जा सकते, लेकिन रिसर्च वाले जहाज कहीं भी आ जा सकते हैं। इससे ज्यादा विवाद भी नहीं होता, ऐसे में चीन इस तरह से दूसरे के इलाके में घुसकर जासूसी करता है।












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