नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर उपराष्ट्रपति ने कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश भर में हो रहे हिंसक आंदोलन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की खबरों के बीच उपराष्ट्रपति ने लोगों से शांति की अपील की है। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि आंदोलनकारी देश के विभिन्न हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन और संपत्ति को नष्ट कर रहे हैं। ऐसा करने वाले हारे हुए कौन लोग हैं? क्या आंदोलन को हिसंक बनाना चाहिए? आंदोलन एक व्यवस्थित दायरे में होना चाहिए। यह विनाशकारी नहीं बनना चाहिए। हिंसा कोई समाधान नहीं है।

सोमवार को नई दिल्ली में नेशनल सेफ्टी अवॉर्ड प्रोग्राम में पहुंचे उपराष्ट्रपति ने कहा, 'कोई बाधा या विनाश नहीं होना चाहिए, हर किसी को निर्माण पर ध्यान देना चाहिए, और हमारे नजरिए को बदलना होगा आखिरकार हम स्वतंत्र भारत में हैं, हमारा अपना भारत है। उन्होंने कहा कि यदि आप सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर रहे हैं, तो आप देश के धन को नष्ट कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सोमवार को देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए।
प्रदर्शन का समर्थन नेता और सामाजिक कार्यकर्ता भी करते नजर आए। कहीं-कहीं ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, तो कहीं हिंसक रूप ले लिया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश में हो रहे भारी प्रदर्शनों को देखते हुए इसे दुखद एवं निराशाजनक बताया और शांति की अपील की। जामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में देखा गया। जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट हो गया है।












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