ICU में भी सिंघल को सेहत की नहीं राम मंदिर की थी चिंता
गुड़गांव। आज विश्व हिंदू परिषद्(विहिप) के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 89 साल के सिंघल पिछले काफी समय से अपने स्वास्थ्य के कारण परेशान थे और लगातार इलाज होने के बावजूद आज उनकी सांसों ने उनका साथ छोड़ दिया।
सिंघल का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर तीन बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर होगा। इससे पहले आज रात 8 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली में वीएचपी के हेडक्वार्टर्स संकट मोचन हनुमान मंदिर आश्रम में रखा जाएगा। सिंघल के निधन को पीएम मोदी ने अपनी व्यक्तिगत क्षति बताई है और गहरा शोक प्रकट किया है।
विहिप के कद्दावर नेता सिंघल का जन्म 15 सितंबर 1986 में आगरा के एक संभ्रात परिवार में हुआ था। मेटाल्यूर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन करने के बाद 1981 के बाद सिंघल विहिप के अध्यक्ष बने थे लेकिन सिंघल रातों-रात सुर्खियों में तब आये जब देश में रामजन्मभूमि आंदोलन चलाया गया।
रामजन्मभूमि आंदोलन के मुख्य किरदारों के रूप में सिंघल का नाम पूरे भारत में गूंज उठा। राम मंदिर का सपना अपनी आंखों में बसाये सिंघल ने दो दिन पहले ही आईसीयू में भर्ती होने के बावजूद प्रवीण तोगड़िया और लाल कृष्ण आडवाणी से कहा था किमैं अभी ठीक हूं, मुझे कुछ नहीं हुआ। अभी तो अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाना है।













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