'श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा' में शामिल होंगे आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी! निमंत्रण लेकर घर पहुंची VHP
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में 22 जनवरी 2024 की तारीख इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली है। इस दिन भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होना है। ऐसे में सभी तैयारियों को तेज कर दिया है।
इस बीच मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी को इस भव्य प्राण प्रतिष्ठा के लिए आमंत्रित किया है। आमंत्रण लेकर दोनों नेताओं ने कहा कि आने की पूरी कोशिश करेंगे।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि बीजेपी के दोनों दिग्गजों ने कहा कि वे 22 जनवरी के कार्यक्रम में शामिल होने की पूरी कोशिश करेंगे। वीएचपी ने एक्स पर अध्यक्ष आलोक कुमार के हवाले से कहा कि राम मंदिर आंदोलन के अग्रदूतों, आडवाणी जी और मुरली मनोहर जोशी जी को प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। दोनों ने कहा कि वे आने की पूरी कोशिश करेंगे। आपको बता दें कि आडवाणी (96) और जोशी, राम मंदिर आंदोलन में सबसे आगे थे।
15 जनवरी तक तैयारियां पूरी
मीडिया से मुखातिब होकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि दोनों (संघ) परिवार के बुजुर्ग हैं और उनकी उम्र को देखते हुए, उनसे अनुरोध किया गया है कि वे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए (अयोध्या) आएं। दोनों ने हमारा अनुरोध स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सभी तैयारियां अगले साल 15 जनवरी तक पूरी कर ली जाएंगी।
जानें क्या है शेड्यूल?
मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूजा 16 जनवरी से शुरू होगी और 22 जनवरी 2024 तक जारी रहेगी। प्रधानमंत्री मोदी 22 जनवरी को भव्य मंदिर में राम लला की मूर्ति की स्थापना में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस कार्यक्रम के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं, जिसमें गणमान्य व्यक्ति और सभी क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे।
150 साधु-संतों समेत ये रहेंगे मौजूद
राय ने बताया कि विभिन्न परंपराओं के 150 साधु-संतों और छह दर्शन परंपराओं के शंकराचार्य सहित कुल 13 अखाड़े इस भव्य आयोजन में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में करीब चार हजार संतों को आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा 2,200 अन्य अतिथियों को भी निमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने आगे बताया कि काशी विश्वनाथ और वैष्णोदेवी जैसे प्रमुख मंदिरों के प्रमुखों और धार्मिक और संवैधानिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।












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