'अगर मुस्लिम समाज तीन तलाक प्रथा को नहीं बदलता है तो मोदी सरकार ला सकती है कानून'
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि ये सबसे ज्यादा अच्छा रहेगा अगर मुस्लिम समाज खुद तीन तलाक प्रथा में बदलाव करे। इससे समाज पर अच्छा प्रभाव जाएगा।
नई दिल्ली। तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम समाज तीन तलाक प्रथा को बदलने में असफल रहता है तो मोदी सरकार इस प्रथा को बैन करने के लिए अलग कानून बना सकती है।

'ये मामला महिला के न्याय और समानता से जुड़ा हुआ है'
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने हिंदू समाज से जुड़े बाल विवाह, सती प्रथा और दहेज प्रथा का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर प्रतिबंध के लिए कानून बनाया गया। ये सभी प्राचीन प्रथाएं थी जिनके खिलाफ सरकार ने कानून बनाया और हिंदू समाज ने इससे जुड़े कानून को स्वीकार किया। हालांकि इस मौके पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने भी कहा कि तीन तलाक पर अगर कानून लाया जाता है तो ये किसी के निजी मामले में सरकार हस्तक्षेप नहीं होगा बल्कि ये महिलाओं के न्याय और समानता से जुड़ा मुद्दा है।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि ये सबसे ज्यादा अच्छा रहेगा अगर मुस्लिम समाज खुद तीन तलाक प्रथा में बदलाव करे। इससे समाज पर अच्छा प्रभाव जाएगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो सरकार तीन तलाक पर प्रतिबंध के लिए कानून लाने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि ये फैसला केवल तीन तलाक पर ही लागू नहीं रहेगा बल्कि भले समाज के खिलाफ जारी किसी भी प्रथा पर लागू होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये मामला किसी के निजी मामले में हस्तक्षेप का नहीं है। ये मामला महिलाओं के अधिकार से जुड़ा हुआ है। सभी महिलाओं को बराबर का अधिकार है। वेंकैया नायडू ने कहा कि हिंदू समाज में बाल विवाह पर चर्चा हुई और संसद में कानून लाकर इसे बैन किया गया। दूसरे नंबर प्राचीन प्रथा सती सहगमन था जिसमें महिलाओं को पति की मौत के बाद खुद भी मरना पड़ता था, अब ये प्रथा भी कानून के जरिए बंद कर दी गई। तीसरी प्रथा दहेज की थी जिसके खिलाफ दहेज निरोधक कानून पास किया गया। इन सभी कानूनों को समाज ने स्वीकार किया।












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