जल्द ही वेंकैया नायडू शरद यादव को राज्य सभा से बाहर का रास्ता दिखाएंगे, अली अनवर का भी जाना तय
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू जदयू नेता शरद यादव और अनवर अली को जल्द ही राज्यसभा से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। सूत्रों की मानें तो इन दोनों ही नेताओं को सदन से निष्कासित करने के लिए राज्यसभा में जदयू के नेता राम चंद्र प्रसाद सिंह ने उपराष्ट्रपति को पत्र लिखा है। उन्होंने संविधान की 10वीं अनुसूचि का हवाला देते हुए दोनों को सदन से बर्खास्त करने की मांग की है।

अनवर को एक नोटिस पिछले महीने जारी किया
राज्यसभा सचिवालय ने यादव और अनवर को एक नोटिस पिछले महीने जारी किया था, जिसमें दोनो ही नेताओं से उनपर लगे आरोपों पर सफाई मांगी गई थी। दोनों ही नेताओं अपना जवाब दाखिल करने के लिए अधिक समय की मांग की थी, लेकिन उन्हें सिर्फ एक और हफ्ते का समय दिया गया है, दोनों ही ने नेताओं ने अपना जवाब 22 सितंबर को दायर किया था।
मसले में जांच की जरूरत होगी
सूत्रों की मानें तो वेंकैया नायडू इस मसले पर अपना फैसला ले सकता है। साथ ही इस मसले में जांच की जरूरत होगी, जिसके आधार पर नायडू अपना फैसला लेंगे। अगर दोनों ही नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप पाए गए तो उनके खिलाफ जांच कराई जाएगी।
सदन का सदस्य अयोग्य करार किया जाना
राज्यसभा के कानून के अनुसार अगर कोई भी सदन का सदस्य अयोग्य करार किया जाना है तो उसे संविधान की दसवीं अनुसूचि के तहत ही अयोग्य करार दिया जाएगा। इस बाबत राज्यसभा के चेयरमैन का फैसला आखिरी फैसला होगा। इस मसले पर सभी कार्रवाई संविधा की धारा 122 के तहत होगी। दसवी अनुसूचि के क्लॉज 2(1) के अनुसार किसी भी दल का सदस्य जोकि सदन का सदस्य है उसे अयोग्य करार दिया जा सकता है अगर वह खुद से अपनी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दे। गौरतलब है कि जदयू के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने शरद यादव की बर्खास्तगी की मांग की है और सिंह को अपना नेता चुना है।












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