जवानी में किया था यूनिवर्सिटी में टॉप, बुढ़ापे में मिला गोल्ड मेडल, वजह हैरान करने वाली
लखनऊ: यूपी के लखनऊ विश्वविद्यालय के एक प्रतिभाशाली छात्र को टॉप करने के 32 साल बाद गोल्ड मेडल दिया गया है। 32 साल बाद मेडल हासिल करने वाला प्रतिभावान छात्र मनोज दीक्षित अब प्रोफेसर हैं और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी फैजाबाद के कुलपति हैं। मेडल मिला तो प्रोफेसर के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने मजाक में कहा कि उन्हें ये मेडल जब मिला है तब उनके सिर के बाल झड़ गए।

56 साल के प्रोफेसर मनोज दीक्षित का कहना है कि उन्होंने 1986 में लखनऊ विश्वविद्यालय से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में परास्नातक किया था, उन्होंने तभी यूनिवर्सिटी में टॉप किया था। 32 साल पहले उन्हें मनोज को 'राजा रघुवेंद्र प्रताप सिंह' और 'सुरेश चंद्रा भसीन' गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाना था।
लेकिन उन्हें सम्मानित नहीं किया जा सका, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने दीक्षांत समारोह का आयोजन ही नहीं किया गया। मनोज का कहना है कि जिस साल दीक्षांत समारोह नहीं होता है उस साल टॉपर्स को मेडल भी नहीं दिए जाते, 80 के दशक में दो या तीन बार ही दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिला।
इसके बाद प्रोफेसर दीक्षित ने पुराने टॉपर्स को मैडल दिलाने की पहल की, इसी कारण से अब प्रोफसर मनोज दीक्षित को मैडल मिल सका। विवार को यूनिवर्सिटी के वीसी ने उन्हें गोल्ड मेडल दिया।
मैडल के लिए मनोज ने काफी मेहनत की। उन्होंने इसके लिए कई बार यूनिवर्सिटी के वीसी और राज्यपाल को कई बार पत्र लिखे। मैडल मिला तो मनोज ने अपनी फोटो को फेसबुक पर शेयर किया।
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