भाजपा छोड़ कांग्रेस का हाथ थामेंगे वरुण गांधी!

वरुण चुनावी रैलियों में मोदी का नाम लेने से बच रहे है। इन दिनों वरुण के सुर में भाजपा के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में बोलने लगा है। वो कांग्रेस उपाध्यक्ष के काम की तारिफ करते है तो मोदी की रैली में आई भीड़ को लेकर कटाक्ष. वरुण के बदले सुर को देखकर लगता है कि वो जल्द ही भाजपा का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वाले है।
राहुल के प्रति जगा उनका भाईप्रेम न तो उनकी मां मेनका गांधी को पच रहा है और न ही भाजपा इसे हजम कर पा रही है। मोदी और भाजपा के प्रति वरुण गांधी की नाराजगी उस वक्त जग जाहिर हो गई थी जब फरवरी में कोलकाता में हुई मोदी की रैली में आई भीड़ को लेकर वरुण गांधी ने विवादस्पाद बयान दिया।
बीजेपी उम्मीदवारों के विपरीत मोदी पर चुनावी सभाओं में खामोश रहने के कारण उन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ऐसे में अमेठी में राहुल के विकास कार्यों की चर्चा और तारीफ करना बीजेपी को खटकना लाजिमी है। उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी की सभी आठ रैलियों से वरुण गांधी गायब रहे। इन रैलियों का 2 मार्च को लखनऊ में समापन हुआ था। वरुण लखनऊ की उस रैली से भी गायब रहे जहां प्रदेश के सभी बड़े नेता समेत पार्टी चीफ राजनाथ सिंह मौजूद थे।
ऐसे में भीतरखाने से आवाज आ रही है कि क्या वरुण भाजपा को अलविदा कर कांग्रेस से अपने पुराने रिश्ते को दुबारा से शुरु कर सकते है। अगर ऐसा रहा तो एक बात तय है कि उन्हें अपनी मां मेनका गांधी से रिश्ता खत्म करना होगा। जानकार मानते है कि मेनका किसी भी कीमत पर कांग्रेस में शामिल नहीं होगी, ऐसे में अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अगर वरुण कांग्रेस में शामिल होते है तो उन्हें अपनी मां से रिश्ता तोड़ना होगा। हलांकि भाजपा नेता इस संभावनाओं से इंकार करते हैं।












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