वरुण गांधी ने फिर अपनी ही सरकार को कोसा, जानिए इस बार क्या है मामला
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता और सांसद वरुण गांधी ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी के खिलाफ हमला बोला है। इस बार उनके निशाने पर केंद्रीय वन मंत्रालय है। वरुण ने मंत्रालय द्वारा बड़े पैमाने पर वन विभाग की भूमि को दूसरे उद्देश्य के लिए आवंटित करने पर आपत्ति जताई है। माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर ट्वीट करते हुए वरुण गांधी ने लिखा है कि वन विभाग की जमीन को दूसरे उद्देश्यों को देना ठीक नहीं है, आखिरकार हम सांस लेने के लिए शुद्ध हवा कहां से लाएंगे?

एक दूसरे ट्वीट में वरुण गांधी ने लिखा है कि सभी जंगलों को दूसरे कामों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर क्या सांस लेने के लिए कोई हवा बची रह पाएगी? हम लोग पहले से ही दमघोंटू माहौल में रहते आए हैं। उल्लेखनीय है कि बीते 8 माह में वन मंत्रालय ने लगभग 92 हजार टेयर जमीन डायवर्ट कर दिया है। यह फैसला वन एवं पर्यावरण मंत्रालय फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी ने लिया है। फॉरेस्ट एडवाइजरी कमेटी ने लगभग 70 प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दूसरी संस्थाओं को दी है।
वरुण गांधी ने कहा है कि वन मंत्रालय का यह फैसला किसी भी तरह देश हित में नहीं है। गौरतलब है कि बता दें कि इससे पहले वरुण गांधी तब विवादों में आ गये थे जब उन्होंने कहा था कि भारत सरकार को अपनी आतिथ्य परंपराओं का ख्याल कर म्यांमार से आए रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देना चाहिए। वरुण गांधी ने एक लेख लिखकर कहा था कि 'आतिथ्य सत्कार और शरण देने की अपनी परंपरा का पालन करते हुए हमें शरण देना निश्चित रूप से जारी रखना चाहिए।












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