अक्टूबर में फिर से शुरू होगी 'वैक्सीन मैत्री' योजना, दूसरे देशों को भेजे जाएंगे कोरोना के टीके
नई दिल्ली, 20 सितंबर: इस साल जनवरी में जब भारत में टीकाकरण शुरू हुआ, तो सरकार ने 'वैक्सीन मैत्री' के तहत करोड़ों डोज दुनिया के कई देशों को भी उपलब्ध करवाई थी। बाद में दूसरी लहर आने और वैक्सीन की कमी की वजह से टीके का निर्यात रोक दिया गया। अब हालात सामान्य होने पर भारत सरकार ने फिर से इसे शुरू करने का फैसला लिया है, जिसके तहत अक्टूबर 2021 से विदेशों को सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इसकी घोषणा सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने की।

मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत का आदर्श वाक्य वसुधैव कुटुम्बकम है, ऐसे में अक्टूबर से वैक्सीन का निर्यात फिर से शुरू कर दिया जाएगा, जो भी सरप्लस सप्लाई होगी, उनको ऐसे देशों में भेजा जाएगा जहां पर उनकी सबसे ज्यादा जरूरत हो, ताकि कोरोना के प्रति सामूहिक लड़ाई में प्रतिबद्धता को पूरा किया जा सके।
आपको बता दें कि इस साल अप्रैल के अंत तक भारत ने 66.4 मिलियन कोवैक्सिन और कोविशील्ड की खुराकों का निर्यात किया था। जिसमें दुनियाभर के निम्न और मध्यम आय वाले देशों को इसे भेजा गया। इसमें कुछ दान के रूप में और कुछ वाणिज्यिक रूप से भेजे गए थे। वहीं वैक्सीन के उत्पादन पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अक्टूबर महीने में 30 करोड़ से ज्यादा डोज का उत्पादन होगा। इसके बाद आने वाले महीनों में 1 अरब डोज का उत्पादन कर लिया जाएगा।
विपक्ष उठा रहा है सवाल
शुरू से ही विपक्षी दल खासकर कांग्रेसी नेता वैक्सीन निर्यात का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले कहा था कि जब भारत में वैक्सीन सभी को नहीं लगी, तो सरकार क्यों दूसरे देशों को प्राथमिकता दे रही है। इसके अलावा दिल्ली में बहुत से बैनर भी लगाए गए थे, जिसमें पीएम से पूछा गया था कि आखिर उन्होंने देश की जनता के हिस्से की वैक्सीन क्यों बाहर भेजी।












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