उत्तराखंड में दिवाली पर वायु गुणवत्ता में ऐतिहासिक सुधार: तकनीक और जनसहयोग ने दिखाया असर
2025 दिवाली के दौरान, उत्तराखंड ने वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हासिल किया, प्रमुख शहरों में मध्यम से संतोषजनक AQI स्तर की सूचना दी गई। यह सफलता तकनीकी नवाचारों और जन जागरूकता अभियानों से जुड़ी है।
उत्तराखंड ने इस वर्ष दिवाली के मौके पर वायु प्रदूषण नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। राज्य के प्रमुख शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मध्यम या संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ा सुधार है। यह उपलब्धि तकनीकी नवाचार, प्रशासनिक सक्रियता और जनसहयोग के समन्वय से संभव हो सकी।

शहर AQI स्तर श्रेणी देहरादून 128 मध्यम ऋषिकेश 54 संतोषजनक टिहरी 66 संतोषजनक काशीपुर 168 मध्यम रुड़की 190 मध्यम हल्द्वानी 198 मध्यम नैनीताल 111 मध्यम
पिछले वर्ष यानी दिवाली 2024 में कई शहरों में AQI स्तर 'खराब' श्रेणी में था — देहरादून और काशीपुर में 269, जबकि ऋषिकेश में 175 दर्ज किया गया था।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,"हमारा लक्ष्य केवल त्योहारों में ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष स्वच्छ वायु सुनिश्चित करना है। इस वर्ष के परिणाम यह साबित करते हैं कि नवाचार, जागरूकता और सामूहिक भागीदारी से वास्तविक परिवर्तन संभव है।"
अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड का प्रदर्शन बेहतर
जहाँ दिल्ली में दिवाली पर AQI स्तर 351 (अत्यंत खराब), लखनऊ में 250, पटना में 226 और भोपाल में 235 दर्ज किया गया, वहीं उत्तराखंड के शहरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। यह राज्य की स्वच्छ वायु और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
तकनीक और जागरूकता ने निभाई अहम भूमिका
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) के अध्यक्ष श्री आर. के. सुधांशु ने बताया, "इस वर्ष की स्वच्छ दिवाली सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। ड्रोन से जल छिड़काव, नई यांत्रिक स्वीपिंग मशीनें और विद्यालयों-कॉलेजों में चलाए गए जन-जागरूकता अभियानों ने ठोस असर दिखाया है।" * देहरादून में ड्रोन आधारित वॉटर स्प्रिंकलिंग से PM₁₀ स्तर को नियंत्रित किया गया। * देहरादून और ऋषिकेश में यांत्रिक स्वीपिंग मशीनों की तैनाती से सड़कों की धूल में कमी आई। * ये मशीनें भारत सरकार के सहयोग से NCAP और CPCB के तहत क्रय की गईं।
‘ग्रीन दिवाली-क्लीन दिवाली’ अभियान ने बदली सोच
विद्यालयों और महाविद्यालयों में चलाए गए अभियानों ने नागरिकों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से पर्व मनाने के लिए प्रेरित किया। पटाखों के सीमित उपयोग से प्रदूषण में प्रत्यक्ष कमी दर्ज की गई।
स्वच्छ सर्वेक्षण में भी उत्तराखंड का प्रदर्शन सराहनीय
देहरादून और ऋषिकेश ने हाल ही में आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। यह उत्तराखंड को स्वच्छ, हरित और सतत विकासशील राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











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