UP News: उम्मीद पोर्टल पर यूपी ने रचा इतिहास, ऑनलाइन वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन में देश में अव्वल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश ने उममीद पोर्टल पर सबसे अधिक ऑनलाइन वक्फ संपत्ति पंजीकरण दर्ज किया है, जो 5 दिसंबर, 2025 तक 92,832 तक पहुंच गया। सुन्नी वक्फ में 86,347 प्रविष्टियाँ हैं और शिया में 6,485 हैं। यह प्रयास वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता और संरक्षण को बढ़ाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 6 जून 2025 को शुरू किए गए ‘उम्मीद’ पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन पंजीकरण में उत्तर प्रदेश ने रिकॉर्ड बनाया है।

05 दिसंबर 2025 तक सभी वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन का निर्देश जारी किया गया था, जिसके तहत उत्तर प्रदेश में कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का सफलतापूर्वक ऑनलाइन पंजीकरण पूरा किया गया। इनमें 86,347 सुन्नी और 6,485 शिया वक्फ संपत्तियां शामिल हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा को 6 माह के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन उत्तर प्रदेश ने निर्धारित अवधि से पहले ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया। यह उपलब्धि प्रदेश सरकार की प्रशासनिक सक्रियता, पारदर्शी कार्यप्रणाली और वक्फ संपत्तियों के संरक्षण व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
उम्मीद पोर्टल के देशव्यापी आंकड़ों के अनुसार, अब तक हुए कुल डिजिटल वक्फ संपत्ति रजिस्ट्रेशन में उत्तर प्रदेश का योगदान सबसे अधिक है। राज्य सरकार द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों और प्रशासनिक सहयोग के चलते अधिकांश मुतवल्लियों ने समय रहते अपनी वक्फ संपत्तियों का ऑनलाइन पंजीकरण पूरा कराया। प्रदेश में ‘उम्मीद’ पोर्टल पर कुल 92,832 वक्फ संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन होना इस बात का प्रमाण है कि सरकार की पहल जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू हुई है।
जनपदवार आंकड़ों के अनुसार, शिया वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में लखनऊ सबसे आगे रहा, जहां 625 शिया वक्फ संपत्तियां दर्ज की गईं। इसके बाद अमरोहा (539) दूसरे और मेरठ (533) तीसरे स्थान पर रहा।
वहीं सुन्नी वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन में बाराबंकी ने 4,940 वक्फ संपत्तियों के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद सीतापुर दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर रहा। इसके अलावा बिजनौर, मुरादाबाद, सहारनपुर, मेरठ और जौनपुर भी सुन्नी वक्फ संपत्तियों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में अग्रणी जिलों में शामिल रहे।
प्रदेश सरकार की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। साथ ही यह पहल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने, दुरुपयोग रोकने और उनके संरक्षण एवं विकास कार्यों को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
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