'इस्तेमाल करो और फेंक दो वाली सोच कभी नहीं रखनी चाहिए', किसपर था नितिन गडकरी का निशाना
नितिन गडकरी का एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने एक बार फिर संसदीय बोर्ड से उन्हें हटाए जाने की चर्चा को हवा दे दी है।
नई दिल्ली, 28 अगस्त: भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड से हटाए जाने के बाद से केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को लेकर सियासी सुगबुगाहट लगातार जारी है। हाल ही में भाजपा ने अपने नए संसदीय बोर्ड का ऐलान किया, जिसमें मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान और नितिन गड़करी को 'आउट' कर दिया गया। हालांकि इस मामले पर नितिन गडकरी ने किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अब उनका एक ऐसा बयान सामने आया है, जिसने एक बार फिर संसदीय बोर्ड से उन्हें हटाए जाने की चर्चा को हवा दे दी है।

'इंसान तब खत्म हो जाता है, जब वो मैदान छोड़ देता है'
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, नितिन गडकरी शनिवार को नागपुर में उद्यमियों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में नितिन गडकरी ने कहा, 'कोई भी इंसान तब खत्म नहीं होता, जब वो हार जाता है, लेकिन वो तब खत्म हो जाता है, जब वो मैदान छोड़ देता है। जो भी शख्स बिजनेस, सामाजिक कार्यों या फिर राजनीति में है, उनके लिए सबसे बड़ी ताकत लोगों के बीच अच्छे रिश्ते बनाना ही है।'
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'केवल उगते हुए सूरज को ही सलाम मत करिए'
नितिन गडकरी ने आगे कहा, 'इसलिए, किसी को भी 'इस्तेमाल करो और फेंक दो' वाली सोच के साथ नहीं जीना चाहिए। चाहे किसी के अच्छे दिन हों या फिर बुरे, अगर आप एक बार किसी का हाथ थामते हैं तो फिर जीवन भर उसका हाथ मत छोड़िए। केवल उगते हुए सूरज को ही सलाम मत करिए।' इस दौरान नितिन गडकरी ने अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया और बताया कि एक बार कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने उन्हें राजनीति में अच्छे भविष्य के लिए कांग्रेस में शामिल होने के लिए कहा था।

'कुएं में कूदकर मर जाऊंगा, लेकिन कांग्रेस में नहीं जाऊंगा'
नितिन गडकरी बोले, 'छात्र राजनीति के दौरान जब कांग्रेस नेता श्रीकांत जिचकर ने मुझसे कहा कि आप अगर राजनीति में अपना भविष्य बेहतर बनाना चाहते हैं तो कांग्रेस में आइए तो मैंने उनसे कहा- मैं कुएं में कूदकर मर जाऊंगा, लेकिन कभी कांग्रेस में शामिल नहीं होऊंगा। क्योंकि, मैं उस पार्टी की विचारधारा को ही पसंद नहीं करता हूं।'

'अपनी आकांक्षाओं को कभी ना छोड़ें'
इस सम्मेलन में युवा उद्यमियों से नितिन गडकरी ने कहा कि कभी भी आप लोग अपनी आकांक्षाओं को ना छोड़ें। नितिन गडकरी ने कहा, 'आप लोग पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की आत्मकथा में लिखे उन सुनहरे शब्दों को हमेशा याद रखें, जिनमें कहा गया है कि 'कोई भी इंसान तब खत्म नहीं होता, जब वो हार जाता है, लेकिन वो तब खत्म हो जाता है, जब वो मैदान छोड़ देता है।'












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