बिना मानवाधिकार के पूर्ण नहीं है दुनिया का कोई भी लोकतंत्र: अमेरिकी विदेश मंत्री
नई दिल्ली, 28 जुलाई: अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन भारत के दौरे पर आए हैं। इस बीच बुधवार को उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों में चीन सीमा विवाद, अफगानिस्तान, कोरोना वैक्सीन समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बात की। साथ ही हर क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया।

वहीं जब मीडिया ने ब्लिंकन से पूछा कि क्या वो अपने इस दौरे के दौरान भारतीय नेताओं के सामने मानवाधिकार का मुद्दा उठाएंगे, तो उन्होंने कहा कि हमने अभी तक पहले से तय मुद्दों पर बात की है। अगर हम परफेक्ट यूनियन की खोज करते हैं, तो इसका मतलब है कि हम परफेक्ट नहीं हैं। कोई भी लोकतंत्र चाहे वो कितना पुराना या बड़ा हो, वो बिना मानवाधिकार के बिना पूर्ण नहीं है। हालांकि उनकी जयशंकर से मुलाकात के एक दिन पहले ही खबर आ गई थी कि वो पेगासस और मानवाधिकार के मुद्दे को उठाएंगे।
कोरोना के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में वापस आकर खुशी हो रही है। कोरोना ने अमेरिका और भारत दोनों को बहुत बुरी तरह प्रभावित किया। भारत ने हमें महामारी में सहायता प्रदान की। उस सहायता को हम नहीं भूलेंगे। इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि हमने आज वैक्सीन को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने और सस्ता बनाने के लिए इसका उत्पादन बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया। साथ ही दोनों देश एक-दूसरे का सहयोग करते रहेंगे।
वहीं हाल ही में अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से वापस जाने का फैसला किया था। जिसके बाद से वहां पर तालिबान तेजी से हाबी हो रहा है। इस पर ब्लिंकन ने कहा कि हम अफगानिस्तान से बलों की वापसी के बाद अफगान के लोगों के लिए और क्षेत्रीय स्थिरता का समर्थन करने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।












Click it and Unblock the Notifications