कौन है पायल और क्या है काबिलियत कि खुद ओबामा हैं मिलने को बेकरार
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के तीन दिवसीय भारत दौरे का आज अंतिम दिन है। इस अंतिम दिन के मौके पर ओबामा राजधानी के सीरी फोर्ट ऑडिटोरियम में देश की युवा शक्ति से रुबरु होंगे। इस कार्यक्रम के अलावा ओबामा 14 वर्ष की एक बच्ची पायल कुमारी से भी मुलाकात करेंगे। आखिर ऐसा क्या है पायल में कि खुद ओबामा भी उससे मिलने को बेकरार हैं।

गांव में खत्म हुई बाल विवाह की बुराई
पायल राजस्थान के हिंसेला गांव की वह बच्ची है जिसने बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाई और इससे इंकार कर दिया था। पायल को नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के बचपन बचाओ आंदोलन ने बचाया था।
पायल इस समय एक बाल पंचायत की बाल सरपंच हैं और बच्चों खासकर लड़कियों की शिक्षा को लेकर खासी उत्साहित हैं। वह चाहती हैं कि लड़कियों को भी उच्च शिक्षा के अवसर देश में मुहैया कराए जाएं।
वह इस बात के खिलाफ हैं कि कम उम्र में लड़कियों की शादी करा कर उन्हें घर में बैठा दिया जाता है जबकि लड़कियां आगे अच्छी पढ़ाई कर सकती हैं। यह पायल के प्रयासों का ही नतीजा है कि आज उनके गांव से बाल विवाह जैसी बुराई खत्म हो चुकी है।
इनसे भी मिलेंगे ओबामा
पायल के अलावा ओबामा बाल मजदूर रहे दीपक से भी मुलाकात करेंगे। दीपक की उम्र आठ वर्ष थी जब वह खेतों में मजदूरी करता था। इसी मजदूरी की वजह से उसकी उंगली थ्रेशर में आ गई थी और उसे काटना पड़ गया था।
दीपक के अलावा ओबामा अयूब खान नाम के एक बच्चे से भी मुलाकात करेंगे। अयूब की उम्र इस समय 14 वर्ष है। सत्यार्थी के एनजीओ बचपन बचाओ आंदोलन ने उसे समय बचाया था जब उसे जबर्दस्ती एक बटन फैक्ट्री में मजदूरी के लिए भेजा गया था। प्रभावशाली लोगों के झांसे में आकर उसके घर वालों ने उसे भेज दिया था और यहां पर उसके स्वास्थ्य को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता था।












Click it and Unblock the Notifications