तूतीकोरिन प्लांट पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे अमेरिकी पत्रकार को भारत छोड़ने का आदेश
चेन्नई। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर स्मेल्टर प्लांट के स्वास्थ्य प्रभाव पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे एक अमेरिकी पत्रकार को वीजा शर्तों के उल्लंघन करने के आरोप में देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। पुलिस द्वारा देश छोड़ने का निर्देश दिए जाने के बाद फ्रीलांस जर्नालिस्ट मार्क सयला को वापस भेज दिया गया है। 27 दिसंबर को टूरिस्ट वीजा पर देश पहुंचे मार्क को इंडिया छोड़ने का नोटिस जारी किया गया था।

तूतीकोरिन पुलिस ने रविवार को उससे पूछताछ की। इसके अलावा स्टरलाइट प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं से पूछताछ की जो उसे मिले थे। पुलिस के मुतबाकि, मार्क ने पिछले साल मई में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की थी। तूतीकोरिन के एसपी मुरली रंभा का कहना है कि पत्रकार मार्क सयला टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। यह स्पष्ट हो चुका है कि उसने वीजा नियमों का उल्लंघन किया है। उसे हैदराबाद से अमेरिका भेज दिया गया है।
एसपी मुरली रंभा ने बताया, 'अमेरिकी पत्रकार का वीजा 21 जनवरी तक वैध है। वह 3 जनवरी को तूतीकोरिन से निकलने की तैयारी में था। 12 जनवरी को उसका अमेरिका वापस लौटने का कार्यक्रम था। पूछताछ में पता चला कि वह टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। उसका मकसद स्टरलाइट संयंत्र के विरोध में चलाए गए अभियान के ऊपर फिल्म बनाना और लेख लिखना था। ऐसा करना वीजा नियमों के उल्लंघन के तहत आता है।
हाल ही में, स्टरलाइट ने तूतिकोरिन में गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए 100 करोड़ खर्च करने की पहल की है। जिससे संयंत्र के फिर से खोलने की उम्मीद है। हालांकि बुधवार को तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने संयंत्र को संचालित करने के लिए सहमति देने से इनकार कर दिया। विपक्ष ने सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से कहा है कि वह राज्य में कॉपर संयंत्र पर प्रतिबंध लगाने के लिए नीतिगत निर्णय ले।












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